MP Weather Update :7 दिन से थमी बारिश, 35 जिलों में सूखे जैसे हालात; 19 जुलाई से एक्टिव होगा नया सिस्टम

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। पिछले सात दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी या अति भारी बारिश नहीं हुई है। इसका असर अब साफ दिखाई देने लगा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग समेत प्रदेश के 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि, फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर हैं, लेकिन 19 जुलाई से नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने के बाद हालात बदल सकते हैं।
अब तक सामान्य से 11% कम बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी (9.5 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 270.3 मिमी (10.6 इंच) होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में औसतन 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा चिंता प्रदेश के पूर्वी हिस्से की है, जहां सामान्य से 24 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके विपरीत पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा असर
बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में देखने को मिल रहा है। लगातार कमजोर मानसून के कारण खेतों में नमी घटने लगी है और खरीफ फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
19 जुलाई से बदलेगा मौसम, नया सिस्टम देगा राहत
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के मजबूत होने की संभावना है। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और कई जिलों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
35 जिलों में सामान्य से कम बारिश
बारिश की कमी वाले प्रमुख जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा सहित कुल 35 जिले शामिल हैं।
इन 20 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून ने अच्छी दस्तक दी है। निवाड़ी, आगर-मालवा, अशोकनगर, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर और उज्जैन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
आज कैसा रहेगा मौसम?
गुरुवार को इंदौर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
येलो अलर्ट वाले जिले
मौसम विभाग ने झाबुआ, आलीराजपुर, धार, इंदौर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सतना, सीधी और मैहर सहित कई जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
जून के बाद जुलाई में भी पिछड़ रहा मानसून
जून महीने में मानसून सामान्य से कमजोर रहा था। जुलाई की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से स्थिति में कुछ सुधार हुआ, लेकिन पिछले एक सप्ताह से तेज बारिश नहीं होने के कारण फिर से बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण महीना होता है क्योंकि पूरे मानसून की करीब 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है।
प्रदेश में सामान्य बारिश कितनी होती है?
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश लगभग 38 से 39 इंच के बीच रहती है। इनमें जबलपुर ऐसा शहर है जहां जुलाई में सबसे ज्यादा, करीब 17 इंच तक बारिश का औसत रहता है।
देवास में सबसे ज्यादा, आलीराजपुर में सबसे कम बारिश
अब तक सबसे अधिक बारिश देवास जिले में दर्ज की गई है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है और करीब 18 इंच पानी गिर चुका है। इंदौर और सीहोर में लगभग 14 इंच, हरदा में 15 इंच और भोपाल में करीब 13.1 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं आलीराजपुर प्रदेश का सबसे सूखा जिला बना हुआ है, जहां अब तक केवल करीब 2.25 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 74 प्रतिशत कम है।
बारिश की स्थिति
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स्थिति |
विवरण |
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अब तक कुल बारिश |
241.8 मिमी (9.5 इंच) |
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सामान्य बारिश |
270.3 मिमी (10.6 इंच) |
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प्रदेश में कमी |
11% |
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पूर्वी MP में कमी |
24% |
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पश्चिमी MP |
2% अधिक बारिश |
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कम बारिश वाले जिले |
35 |
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अधिक बारिश वाले जिले |
20 |
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राहत की संभावना |
19 जुलाई से नया सिस्टम सक्रिय |
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई प्रभावित होने लगी है। हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि 19 जुलाई के बाद बनने वाला नया सिस्टम अगर मजबूत रहता है, तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। इससे खेतों में नमी लौटेगी और किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।











