PlayBreaking News

बंगाल की खाड़ी में हादसा!रोहिंग्या शरणार्थियों से भरी दो नावें डूबीं, 500 लोगों के मारे जाने की आशंका

म्यांमार के रखाइन प्रांत से निकली रोहिंग्या शरणार्थियों की दो नावें बंगाल की खाड़ी में हादसे का शिकार हो गईं। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने 500 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है। हालांकि मौतों की संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है। मानसून के दौरान समुद्री यात्रा को बेहद खतरनाक बताया गया है।
Follow on Google News
रोहिंग्या शरणार्थियों से भरी दो नावें डूबीं, 500 लोगों के मारे जाने की आशंका
बंगाल की खाड़ी में नाव हादसा।

ढाका। बंगाल की खाड़ी में रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर जा रही दो नावों के डूबने से बड़ा हादसा सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के अनुसार, इस दुर्घटना में 500 से अधिक लोगों के लापता होने या मारे जाने की आशंका है। बताया जा रहा है कि नावों में सवार ज्यादातर लोग म्यांमार के रखाइन प्रांत से निकले थे, जिनमें कुछ लोग बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों से भी आए थे। हादसा ऐसे समय हुआ है जब बंगाल की खाड़ी में मानसून के कारण समुद्र की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है।

समंदर में समाईं दो नावें

म्यांमार के रखाइन प्रांत से निकली रोहिंग्या शरणार्थियों की दो नावें बंगाल की खाड़ी में डूब गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक नाव में करीब 250 लोग सवार थे, जिसका कुछ समय बाद संपर्क टूट गया। वहीं दूसरी नाव में लगभग 280 यात्री बताए जा रहे थे, जो 8 जुलाई को म्यांमार के अय्यारवाडी तट के पास हादसे का शिकार हो गई। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने इस घटना पर चिंता जताई है। हालांकि अभी तक मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है।

ये भी पढ़ें: West Bengal Politics: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, बागी गुट में शामिल हुए मदन मित्रा

मानसून के बीच समुद्री सफर बना जानलेवा

यह हादसा उस समय हुआ है जब बंगाल की खाड़ी में मानसून का दौर चल रहा है। इस मौसम में तेज हवाओं, भारी बारिश और ऊंची लहरों के कारण समुद्र में यात्रा करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने भी कहा है कि मानसून के दौरान इस तरह की नाव यात्राएं यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। इसके बावजूद मजबूरी में कई रोहिंग्या लोग बेहतर जीवन की उम्मीद में समुद्री रास्ते का सहारा लेते हैं।

म्यांमार से पलायन की मजबूरी झेल रहे रोहिंग्या

म्यांमार में लंबे समय से संकट का सामना कर रहे रोहिंग्या समुदाय के बड़ी संख्या में लोग बांग्लादेश और दूसरे देशों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं। बांग्लादेश में करीब 12 लाख रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं। कई रोहिंग्या शिविरों में सीमित सुविधाओं और असुरक्षित हालात के कारण दूसरे देशों की ओर जाने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान वे खतरनाक समुद्री रास्तों का सहारा लेते हैं, जहां कई बार बड़े हादसे हो जाते हैं।

पिछले वर्षों में भी समुद्री रास्ता बना मौत का कारण

रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए बंगाल की खाड़ी और अंडमान समुद्री मार्ग बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में करीब 6,500 से ज्यादा रोहिंग्या लोगों ने समुद्री रास्ते से पलायन की कोशिश की थी। इस दौरान लगभग 900 लोगों के मारे जाने या लापता होने की जानकारी सामने आई थी। यह समुद्री यात्रा करने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए सबसे खतरनाक वर्षों में से एक रहा।

ये भी पढ़ें: MP Weather Update : 7 दिन से थमी बारिश, 35 जिलों में सूखे जैसे हालात; 19 जुलाई से एक्टिव होगा नया सिस्टम

UN ने जताई बड़ी मानवीय त्रासदी की चिंता

UNHCR और IOM ने कहा है कि अगर 500 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि होती है तो यह दुनिया के सबसे बड़े समुद्री हादसों में शामिल हो सकता है। एजेंसियां अब घटना की जानकारी जुटाने और प्रभावित लोगों की स्थिति का पता लगाने में लगी हैं। इस हादसे ने एक बार फिर शरणार्थियों की मुश्किल परिस्थितियों और सुरक्षित रास्तों की जरूरत को सामने ला दिया है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts