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गुना :विधायक शाक्य ने केंद्रीय मंत्री सिधिंया के प्रोग्राम से बनाई दूरी, दिशा बैठक में भी रहे अनुपस्थित, FB पोस्ट ने खोले राज

इस वर्तमान गुटबाजी और नाराजगी की जड़ें कुछ समय पहले हुए एक बड़े विवाद से जुड़ी हैं, जब गुना में बेतहाशा अघोषित बिजली कटौती चल रही थी। उस समय आक्रोशित विधायक पन्नालाल शाक्य सैकड़ों नागरिकों और किसानों को साथ लेकर सीधे बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंचे थे।
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विधायक शाक्य ने केंद्रीय मंत्री सिधिंया के प्रोग्राम से बनाई दूरी, दिशा बैठक में भी रहे अनुपस्थित, FB पोस्ट ने खोले राज

गुना। जिले के सियासी गलियारों में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। भाजपा के कद्दावर संघ पृष्टभूमि के स्थानीय विधायक पन्नालाल शाक्य ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक मंत्रियों के खिलाफ खुलकर विरोध का बिगुल फूंक दिया है। अपने चार दिवसीय दौरे पर गुना आए केंद्रीय मंत्री सिंधिया के किसी भी कार्यक्रम में पिछले तीन दिनों से विधायक पन्नालाल शाक्य नजर नहीं आए।

इस दौरान अधिकांश कार्यक्रम गुना शहर और उसके आसपास ही आयोजित किए गए थे, लेकिन विधायक ने इन सभी से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। इसे केंद्रीय मंत्री सिंधिया, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ विधायक की खुली बगावत के रूप में देखा जा रहा है।

दिशा बैठक से  बनाई दूरी, कहा- 'मन की बात' में व्यस्थ थे

इस बीच सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात यह रही कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट में आयोजित दिशा की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक से भाजपा के दोनों विधायक गुना से पन्नालाल शाक्य और चांचौड़ा से प्रियंका मीना पैंची पूरी तरह नदारद रहे। सत्ताधारी दल के विधायकों की इस अनुपस्थिति के बीच बमोरी से कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल इस बैठक में शामिल हुए, जो शहर में भारी सियासी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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फेसबुक पोस्ट ने खोली विधायक के बहानों की पोल

केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रमों से लगातार गायब रहने को लेकर जब पत्रकारों ने विधायक पन्नालाल शाक्य से संपर्क किया, तो उन्होंने टालमटोल वाले बहाने बनाए। उन्होंने किसी से कहा कि वे पार्टी के काम से भोपाल जा रहे हैं, तो किसी को साले के निधन होने और बड़ी साली के बीमार होने की बात कही। लेकिन उनकी इस राजनीतिक घेराबंदी की पोल उनके ही आधिकारिक फेसबुक पेज ने खोल दी। दरअसल, जिस समय केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम चल रहे थे, उसी सुबह विधायक ने अपने कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात सुनते हुए अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। जब मीडिया ने इस विरोधाभास पर उनसे दोबारा सवाल किया, तो उन्होंने कोई सीधा जवाब न देते हुए सिर्फ इतना कहा, अपनी न किसी से दोस्ती है और न किसी से दुश्मनी। अपन तो सबके चहेते हैं।

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पन्नालाल शाक्य ने फेसबुक पर पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम सुनते हुए तस्वीरें पोस्ट की

बिजली संकट पर मंत्रियों को कहा था नौटंकीबाज

इस वर्तमान गुटबाजी और नाराजगी की जड़ें कुछ समय पहले हुए एक बड़े विवाद से जुड़ी हैं, जब गुना में बेतहाशा अघोषित बिजली कटौती चल रही थी। उस समय आक्रोशित विधायक पन्नालाल शाक्य सैकड़ों नागरिकों और किसानों को साथ लेकर सीधे बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंचे थे। वहां अधिकारियों को फटकार लगाते-लगाते उनका गुस्सा अपनी ही सरकार के सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर फूट पड़ा था।

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ऊर्जा मंत्री को बताया था नौटंकीबाज

शाक्य ने सरेआम कैमरों के सामने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर तीखा तंज कसते हुए कहा था, हमारे ऊर्जा मंत्री इतने बड़े ज्ञानी और नौटंकीबाज हैं कि वे जनता को गुमराह करने के लिए सीधे मंच पर ही ढोक देने (साष्टांग दंडवत) लगते हैं। लोकप्रियता पाने के लिए कभी बिजली के खंभों पर चढ़ जाते हैं, तो कभी गंदी नालियों में उतर जाते हैं। जनता को ऐसा दिखावा नहीं, काम करने वाला जनसेवक चाहिए। मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर ऐसे नाकारा मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करूxगा।

प्रभारी मंत्री को कहा था- भाड़ में जा

इसके बाद शाक्य के गुस्से का शिकार गुना के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी बने थे। हवाई पट्टी के एक पुराने वाकये का जिक्र करते हुए विधायक ने जनता के सामने कहा था, प्रभारी मंत्री ने अहंकार वश मुझे एक कार्यक्रम में चलो हटो कहकर पीछे धकेल दिया था। वे खुद को महाराजा सिंधिया से भी बड़ा समझते हैं। मैंने भी उनके मुंह पर दो टूक कह दिया कि तू खुद साइड में हो जा और भाड़ में जा, मैं तेरी या किसी की खैरात से चुनाव जीतकर विधानसभा नहीं पहुंचा हूx। मुझे गुना की देवतुल्य जनता ने जिताया है। इसी दौरान अधिकारियों ने जब ग्वालियर का उदाहरण दिया तो शाक्य ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा था कि ग्वालियर सिंधिया की राजधानी है, वहां चाहे अंधेरा रहे या हैलोजन जले, हमें मतलब नहीं; हमें गुना की जनता की चिंता है।

संगठन की सख्ती के बाद दिल्ली-भोपाल में हुए थे सुर ठंडे

मंत्रियों के खिलाफ दिए गए इस तीखे और विवादित बयान का वीडियो जब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, तो भाजपा संगठन ने अनुशासनहीनता के इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया था। इसके तुरंत बाद भाजपा आलाकमान के निर्देश पर विधायक पन्नालाल शाक्य को राजधानी भोपाल तलब किया गया। वहां भाजपा के तत्कालीन वरिष्ठ पदाधिकारियों और संगठन के सामने पेश होकर विधायक को अपनी सफाई देनी पड़ी थी। संगठन की कड़ी घुडक़ी और सख्ती के बाद बाहर आते ही विधायक के सुर पूरी तरह बदल गए थे।

तब उन्होंने डैमेज कंट्रोल करते हुए मामले को दबाने का प्रयास किया था और कहा था, हम सब एक परिवार हैं, हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। संगठन और कार्यकर्ता हमारे लिए सर्वोपरि हैं। हालांकि, संगठन के सामने पारिवारिक एकजुटता का राग अलापने के बाद भी वर्तमान में केंद्रीय मंत्री सिंधिया के दौरों का खुलकर बहिष्कार करना यह साफ दर्शाता है कि गुना भाजपा के भीतर अंदरूनी खींचतान और असंतोष की आग अभी पूरी तरह ठंडी नहीं हुई है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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