गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू होने की दिशा में कदम बढ़ने से कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसका उद्देश्य सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानून लागू करना है, ताकि समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। खासकर महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने पर इसका खास फोकस रहेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित होने का समर्थन करने वाले सभी विधायकों को बधाई दी। एक्स पर पोस्ट में अमित शाह ने बताया कि- प्रत्येक नागरिक के लिए एक समान कानून हो, पार्टी की स्थापना से ही संकल्प रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी द्वारा शासित राज्य सरकारें इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। इसी के साथ एक्स पोस्ट में बताया उत्तराखंड के बाद अब गुजरात ने भी समान नागरिक संहिता विधेयक पारित करके अपना संकल्प प्रदर्शित किया है, जो एक 'ऐतिहासिक काम' है।
यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो जाएगा। एक से ज्यादा शादी करने पर पूरी तरह रोक लगेगी और हलाला जैसी प्रथाओं को खत्म किया जाएगा। इसके अलावा संपत्ति और विरासत के मामलों में महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिलेगा। सभी धर्मों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार होगा, जिसमें विवाह, तलाक, गोद लेना और विरासत जैसे मामलों में एक जैसे नियम लागू होंगे। इससे कानून में पारदर्शिता बढ़ेगी और भेदभाव कम होगा।
विधानसभा में चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने बताया कि यूसीसी को लेकर सरकार को करीब 20 लाख सुझाव मिले। इनमें बड़ी संख्या ईमेल और वेब पोर्टल के जरिए आई। ज्यादातार लोगों ने एक समान कानून का समर्थन किया, 81 प्रतिशत लोग शादी के समान नियम, 79 प्रतिशत तलाक के नियम, 83 प्रतिशत संपत्ति में बराबरी और 86 प्रतिशत अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के पक्ष में नजर आए।