नोएडा। 25 साल का लंबा इंतजार, 2001 की नींव जो कई बार अटकी, लेकिन यह अब से मात्र 2 दिन बाद 28 मार्च 2026 में को यह सपना पूरा होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब शुरू होने जा रहा है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही देश के प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
इस एयरपोर्ट का सपना करीब 25 साल पहले देखा गया था। साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर में ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव रखा था। हालांकि कई वर्षों तक यह परियोजना अलग-अलग कारणों से अटकी रही, लेकिन 2014 के बाद इसे गति मिली और 26 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी नींव रखी।
करीब साढ़े चार साल में एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण पूरा हो चुका है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास किया गया है, जबकि पूरा एयरपोर्ट 5100 हेक्टेयर में फैलेगा। पूरी तरह तैयार होने पर यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, जो दिल्ली के इंदरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब ढाई गुना बड़ा होगा।
यह भी पढ़ें: 13 साल की पीड़ा से आजादी : अलविदा हरीश राणा... पिता बोले- कोई नहीं रोना, बेटा जहां भी जाएगा भगवान उसे आशीर्वाद देंगे
तकनीकी दृष्टि से भी यह एयरपोर्ट बेहद आधुनिक है। 3900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे तैयार किया गया है, जबकि भविष्य में कुल 6 रनवे बनाने की योजना है। यहां अत्याधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे घने कोहरे और खराब मौसम में भी विमान सुरक्षित लैंडिंग कर सकेंगे।
परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी अगले 40 वर्षों तक इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी।
यह भी पढ़ें: रेलवे नियमों में बड़ा बदलाव! रिफंड, बुकिंग और कैंसिलेशन सब कुछ हुआ नया
पर्यावरण के लिहाज से भी यह एयरपोर्ट खास है। इसकी 55 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें ग्रीनरी सोर्स से पूरी की जाएंगी। सोलर पैनलों के जरिए 13 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है, जबकि पवन ऊर्जा का भी उपयोग किया जाएगा। साथ ही, यहां इलेक्ट्रिक वाहनों और मशीनों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम हो सके। मल्टी-मॉडल कार्गो हब, मेंटेनेंस-रिपेयर सुविधाएं और हाई सिक्योरिटी सिस्टम से लैस यह एयरपोर्ट देश की एविएशन इंडस्ट्री को नई दिशा देने वाला साबित होगा।