अहमदाबाद। गुजरात में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। धमकी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं और गांधीनगर स्थित विधानसभा भवन को खाली करवा लिया गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बाद स्थिति सामान्य घोषित की गई।
हालांकि, इस घटना के कारण विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित समय से करीब एक घंटे की देरी से शुरू हुई। धमकी भरे ईमेल में सिर्फ विधानसभा ही नहीं बल्कि कच्छ जिले के मुंद्रा पोर्ट और अहमदाबाद के कई स्कूलों को भी निशाना बनाने की बात कही गई, जिसके बाद पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 9 बजे विधानसभा सचिव को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में विधानसभा भवन में विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। उस समय विधानसभा में बजट सत्र चल रहा था और कई विधायक, मंत्री तथा कर्मचारी परिसर में मौजूद थे। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए तुरंत सभी को भवन से बाहर निकाल लिया गया।
इसके बाद बम निरोधक दस्ता (BDDS), पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों को मौके पर बुलाया गया। टीमों ने पूरे भवन और आसपास के इलाके की बारीकी से जांच की।
धमकी की सूचना के कारण विधानसभा परिसर में करीब एक घंटे तक तलाशी अभियान चला। सुरक्षा एजेंसियों ने भवन के हर हिस्से की जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद परिसर को सुरक्षित घोषित कर दिया गया और विधायकों व कर्मचारियों को वापस अंदर जाने की अनुमति दी गई। जिस सत्र की शुरुआत सुबह 9 बजे होनी थी, वह जांच के कारण करीब 10 बजे शुरू हो सका।
धमकी भरे ईमेल में सिर्फ विधानसभा ही नहीं बल्कि देश के सबसे बड़े निजी बंदरगाहों में से एक कच्छ जिले के मुंद्रा पोर्ट को भी निशाना बनाने की बात कही गई। ईमेल में दावा किया गया कि मुंद्रा पोर्ट पर खड़े एलपीजी टैंकर को मिसाइल से उड़ाया जाएगा। इस धमकी के बाद बंदरगाह की सुरक्षा तुरंत बढ़ा दी गई और वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां बंदरगाह परिसर और आसपास के इलाकों की भी निगरानी कर रही हैं।
ईमेल में अहमदाबाद के तीन स्कूलों में भी विस्फोट की धमकी दी गई थी। जिन स्कूलों का नाम ईमेल में लिया गया उनमें शामिल हैं-
धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने तीनों स्कूलों में पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। हालांकि जांच में कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद स्कूल प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली।
धमकी भरे ईमेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। ईमेल में इन नेताओं को गुजराती हिंदू चरमपंथी बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस ईमेल को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कर रही हैं।
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गांधीनगर के एसपी रवि तेजा वासमशेट्टी ने बताया कि, विधानसभा की आधिकारिक ईमेल आईडी पर जीमेल के माध्यम से अंग्रेजी में धमकी भरा संदेश भेजा गया था। उन्होंने कहा कि, पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और साइबर क्राइम की टीमें ईमेल भेजने वाले का पता लगाने में जुटी हुई हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि, यह ईमेल किसी पुराने मामले या पहले भेजी गई धमकियों से जुड़ा हुआ है या नहीं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से गुजरात में सरकारी इमारतों और संस्थानों को लगातार धमकी भरे ईमेल मिल रहे हैं। इनमें अदालतें, नगर निगम की इमारतें, स्कूल और अन्य सरकारी कार्यालय शामिल हैं। हाल ही में अहमदाबाद पुलिस ने पश्चिम बंगाल से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जिसने देश के अलग-अलग हिस्सों में 50 से अधिक धमकी भरे ईमेल भेजे थे। बाद में उस आरोपी को मुंबई पुलिस ने भी रिमांड पर लिया था।
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यह घटना ऐसे समय हुई है जब गुजरात विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। जानकारी के अनुसार यह सत्र 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ है और 25 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान कुल 26 बैठकें आयोजित की जानी हैं।
इसी सत्र के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक को सदन में लाने को लेकर भी चर्चा चल रही है। व्यापार सलाहकार समिति की बैठक में इस बिल को 25 मार्च को पेश करने का प्रस्ताव रखा गया था।
इस घटना पर आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से गुजरात में लगातार धमकी भरे ईमेल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि, यह एक गंभीर सुरक्षा मामला है और सरकार को इसकी गहन जांच करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने इस मामले में सरकार को पूरा सहयोग देने की बात भी कही।
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धमकी भरे ईमेल के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। विधानसभा, स्कूलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, फिलहाल कोई खतरा नहीं मिला है, लेकिन मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। साइबर विशेषज्ञ ईमेल के डिजिटल ट्रेल को ट्रैक करने में लगे हुए हैं ताकि जल्द से जल्द आरोपी तक पहुंचा जा सके।