इंदौर। कुछ समय पहले सोशल मीडिया एंफ्लूएंसर प्रियम सारस्वत द्वारा बिल्डर अनूप अग्रवाल के घर में सोने के सामग्री लगी होने का वीडियो वायरल करने के बाद अब उनकी कंपनी का सारा कामकाज और सरकारी ठेकों पर शासन की नजर टिक गई है। अग्रवाल हाईवे इंफ्रा के निदेशक हैं। कंपनी के बोर्ड सदस्य अरुण-सिद्धार्थ जैन भी निशाने पर आ गए हैं।
एक साल में 50 फीसदी बढ़ा
सूत्रों का कहना है कि कंपनी का कारोबार एक साल में 50 फीसदी बढ़ा है। गोल्डन हाऊस का वीडियो सामने आने के बाद अग्रवाल ने बयान जारी कर कहा था कि सरकारी ठेके मिलने के बाद उनकी तरक्की हुई। हमारे पास सिर्फ एक पेट्रोल पंप था। 25 लोगों का परिवार था। मुझे लगा कि इससे परिवार चलाना मुश्किल होगा। मैंने सरकारी ठेकेदारी शुरू की। सडक़ें, पुल, इमारतें बनाईं। अब 300 कमरों वाला होटल बना रहे हैं। यही मेरी विकास यात्रा है। लेकिन सवाल ये है कि क्या उनकी इतनी तरक्की हुई? गोल्डन हाउस के अलावा विटेंज कारों की लाइन लग गई। देश के प्रख्यात उद्योगपति हर्ष गोयनका ने अग्रवाल के गोल्डन हाऊस पर जो टिप्पणी की वो अग्रवाल के कारनामों को उजागर करती है। उन्होंने कहा-गोल्ड सीलिंग, गैरिश गोल्ड, स्टेत्यू, गोल्ड साकेट, कारों का बड़ा कलेक्शन। इन सबकी मॉरल ऑफ द स्टोरी यह है कि स्टार्टअप भूल जाओ, इंदौर में सरकारी ठेकेदार बनो।

वीडियो में ये दिखाया था सारस्वत ने
सोशल मीडिया एंफ्लूएंसर प्रियम सारस्वत ने बिल्डर अनूप अग्रवाल के घर का जो वीडियो वायरल किया था उसमें उनके घर में 1936 मॉडल की विंटेज मर्सिडीज और कई लग्जरी कारों की लाइन दिखाई और जब अंदर का नजारा दिखाया तो सब दूर सोने की चमक-दमक ही थी। प्रियम जब कहते हैं-मुझे चारों ओर सोना दिख रहा है,तो अनूप अग्रवाल मुस्कराते हुए जवाब देते हैं-यह सब असली 24 कैरेट सोना है। बंगले के अंदर 10 बड़े-बड़े बेडरूम, सुंदर झूमर, महंगे इंटीरियर्स और हर कोने में सोने की परत नजर आती है। यहां तक कि दीवारों में लगे बिजली के सॉकेट भी सोने से बने हैं।
विवाद हुआ तो वीडियो डिलीट कराया, नोटिस दिया
बाद में इस वीडियो को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया। अग्रवाल को लोगों ने समझाइश दी आईटी, ईडी जैसी एजेंसियों के निशाने पर आ जाओगे। इसके बाद उन्होंने प्रियम को लीगल नोटिस दिया और उनके वीडियो को झूठा बताया, बाद में प्रियम ने भी वीडियो डिलीट कर दिया। बाद में अग्रवाल ने कहा कि वीडियो में 24 कैरेट गोल्ड का उपयोग घर की दीवारों, सॉकेट, फर्नीचर आदि के लिए किया जाना बताया है, जो कि पूरी तरह से झूठ है। इसको लेकर हमने सारस्वत को नोटिस भी दिया है। यह घर मेरा अकेले का नहीं है। हमारा संयुक्त परिवार है और 10 से ज्यादा लोग यहां पर रहते हैं। मेरे अकेले की कमाई से इतना बड़ा घर और व्यापार खड़ा नहीं किया गया है। इसमें पूरे परिवार की मेहनत है।