घंसौर में रेलवे दोहरीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध, 300 ग्रामीणों ने SDM को सौंपा ज्ञापन
घंसौर। रेलवे दोहरीकरण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर घंसौर क्षेत्र के करीब 300 ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की कि रेलवे निर्माण के लिए खाली जमीन का उपयोग किया जाए, ताकि आबादी क्षेत्र की भूमि और वहां रहने वाले परिवारों पर असर कम हो सके।
करीब 500 परिवारों के प्रभावित होने की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार, रेलवे दोहरीकरण परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण होने से क्षेत्र के करीब 500 परिवार प्रभावित हो सकते हैं। इसी आशंका को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए और प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से रिहायशी क्षेत्र की जमीन प्रभावित होने पर कई परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने प्रस्तावित अधिग्रहण पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
खाली जमीन के उपयोग की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि रेलवे दोहरीकरण क्षेत्र के विकास और रेल सुविधाओं के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि निर्माण कार्य की योजना बनाते समय आबादी वाले क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि रेलवे लाइन के निर्माण के लिए उपलब्ध खाली भूमि के उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया जाए, जिससे रिहायशी जमीन का अधिग्रहण कम से कम करना पड़े।
घंसौर: रेल लाइन दोहरीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण की चर्चा, सैकड़ों परिवारों को छत छिनने की आशंका
प्रशासन से उचित समाधान निकालने की अपील
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन से भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रस्ताव पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने और प्रभावित परिवारों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने का आग्रह किया।






















