Bhopal Collector Order: भोपाल में कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप और कार्बाइड लैंप पर प्रतिबंध, इस्तेमाल करने पर होगी कार्रवाई

भोपाल में कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप और कार्बाइड लैंप के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रियंक मिश्रा ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन खतरनाक उपकरणों के निर्माण, खरीद-बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन और परिवहन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। वहीं, भोपाल शहर में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार पहले ही प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर चुके हैं। ऐसे में अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्बाइड गन के इस्तेमाल पर रोक लागू होगी। प्रशासन ने कैल्शियम कार्बाइड की बिक्री के लिए भी नियम तय किए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
भोपाल में कार्बाइड गन पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
भोपाल जिला प्रशासन ने लोक सुरक्षा, मानव जीवन की रक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। कार्बाइड गन जैसे उपकरणों से तेज धमाका होता है, जिससे आसपास मौजूद लोगों को गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। जिला दंडाधिकारी प्रियंक मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। प्रशासन का उद्देश्य ऐसी घटनाओं को रोकना है, जिनमें कार्बाइड से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। यह प्रतिबंध विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल करते समय छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप और कार्बाइड लैंप के इस्तेमाल पर रोक
आदेश के तहत भोपाल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की राजस्व सीमाओं में कार्बाइड गन और इसी तरह के उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया गया है। कैल्शियम कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से गैस पैदा करके धमाका करने वाले उपकरण भी इस प्रतिबंध के दायरे में आते हैं।
कार्बाइड गन से आंखों और कानों को हो सकता है गंभीर नुकसान
कार्बाइड गन से निकलने वाला तेज धमाका केवल आवाज तक सीमित नहीं रहता। इसके कारण आसपास मौजूद लोगों को शारीरिक चोट लग सकती है। प्रशासन ने भी इस तरह के उपकरणों से होने वाले खतरों को लेकर चिंता जताई है।
कैल्शियम कार्बाइड की बिक्री पर भी प्रशासन की नजर
भोपाल में प्रतिबंध के साथ कैल्शियम कार्बाइड की खरीद-बिक्री को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी बिक्री केवल वैध कृषि और औद्योगिक गतिविधियों के लिए की जा सकेगी।
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आदेश तोड़ने पर किस धारा में होगी कार्रवाई?
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 का उल्लेख किया गया है। यह धारा लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेश की अवज्ञा से संबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई मामले के तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगी।



















