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फ्रूट्स मिल्क शेक ब्लोटिंग व वजन बढ़ने की वजह, फलों को दूध के साथ न लें

मुंबई की आयुर्वेद गायनोकोलॉजिस्ट प्रदन्या अपटिकर ने फूड कॉम्बिेशन पर की बात
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फ्रूट्स मिल्क शेक ब्लोटिंग व वजन बढ़ने की वजह, फलों को दूध के साथ न लें

गर्मी का मौसम हो या सर्दी का मौसम, फ्रूट मिल्क शेक हमेशा ही यंगस्टर्स की पसंद होते हैं, लेकिन आयुर्वेद के मुताबिक, दूध में फल डालकर खाना सेहत के हिसाब ठीक नहीं है। इस बारे में मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में ‘स्त्री’ कार्यक्रम में आईं डॉ. प्रदन्या अपटिकर ने यंगस्टर्स से बात की। उन्होंने बताया कि फल और दूध को साथ में खाने से गैस, पेट खराब और सूजन भी हो सकती है। दोनों को मिलाकर खाने से पेट में गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है, जिसकी वजह से कई तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

फल व दूध साथ में लेने पर पचने में लगता है ज्यादा समय

जब आप फल को दूध में मिलाते हैं, तो कुछ केमिकल रिएक्शन होते हैं, ऐसे में जाहिर है कि शरीर पर कई सारे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। ऑनली माई हेल्थ में छपी खबर के मुताबिक, फल और दूध को साथ में मिलाकर इसलिए नहीं खाना चाहिए, क्योंकि दोनों को पचने के वक्त में काफी अंतर है। फलों में नैचुरल एसिड और एंजाइम होते हैं, जो दूध में पाई जाने वाली प्रोटीन कैसिइन को पचने में दिक्कत कर सकते हैं। करंट रिसर्च इन फूड साइंस में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को साथ में खाने के बाद गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल पाचन से गुजरता है, जिसका उनके एंटीऑक्सीडेंट अवशोषण पर प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, मार्केट में मिलने वाले फ्रूट्स शेक में शुगर सीरप, चीनी आदि का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे एक गिलास में कैलोरी 500 काउंट तक पहुंच जाती है, इसलिए भी इसे पीने से बचें।

दोपहर 3 से 6 बजे के बीच खाएं फल

कुछ व्यक्तियों को विशिष्ट फलों या डेयरी उत्पादों से एलर्जी हो सकती है। दोनों को मिलाने से एलर्जी प्रतिक्रिया, जैसे खुजली, पित्ती या सांस लेने में कठिनाई जैसे गंभीर लक्षण उत्पन्न होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए दूध व फल साथ नहीं लेने की सलाह दी जाती है। वहीं, फल खाने का सही समय दोपहर 3 से शाम 6 बजे के बीच होता है, इससे कफ क्रिएट नहीं होता। सभी फलों में साइट्रिक एसिड, फोलिक एसिड, टार्टरिक एसिड और μयूमेरिक एसिड जैसे एंजाइम और एसिड होते हैं, जो दूध, दही समेत डेयरी उत्पादों में पाए जाने वाले लैक्टिक एसिड से मेल नहीं खाते हैं और सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। मेरी सलाह होती है कि हमेशा फूड कॉम्बिनेशन की जांच करके खाएं, ताकि सेहत को फायदे के जगह नुकसान न पहुंचे। -डॉ. प्रदन्या अपटिकर, आयुर्वेदिक गायनिक

मिल्क शेक से बढ़ता है कैलोरी काउंट

फलों और दूध को मिलाने वाली स्मूदी और शेक में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। ज्यादा कैलोरी की मात्रा वजन बढ़ाती हैं। बतौर डाइटीशियन मैं फलों को दूध के साथ शेक के रूप में लेने की सलाह नहीं देती क्योंकि इससे कैलोरी काउंट बहुत अधिक बढ़ जाता है। फलों की कैलोरी, दूध व चीनी के साथ बढ़ती है और बिना वर्कआउट के यह हैवी हो जाते हैं। बजाए इसके फलों को चबाकर खाएं तो कैलोरी इंटेक भी कम होगा और एंटी-ऑक्सीडेंट मिलेंगे। वहीं दूध व फल मिलाकर खाने से कफ प्रवृत्ति वालों को दिक्कत बढ़ती है। बनाना शेक कैलोरी में उच्च होता है, खासकर जब इसे दूध, चीनी या अन्य मीठे तत्वों के साथ मिलाया जाता है। वजन कम करने वाले लोगों को इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए। -निधि शुक्ला पांडे, न्यूट्रीशनिस्ट

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