वर्ल्ड टाइगर डे पर सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- बाघ नाम लेते ही आ जाता है रोमांच, भोपाल की सड़कों पर दिन में लोग और रात में बाघ घूमते हैं

भोपाल। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाघ नाम लेते ही रोमांच और आनंद आ जाता है। देश में किसी राज्य की राजधानी ऐसी नहीं है। एमपी की कैपिटल भोपाल देश के अन्य राज्यों की कैपिटल पर भारी पड़ रही है। यहां दिन में सड़कों पर दिन में लोग और रात में बाघ घूमते हैं। बाघों को अभी और जंगल बुला रहे हैं, इसलिए यह क्रम रुकना नहीं चाहिए। प्रदेश में आज सात टाइगर रिजर्व हैं। 25 लाख से ज्यादा पर्यटक हमारे पास बाघों के कारण आते हैं। इसे और बढ़ाते रहना है।
सीएम ने ये बातें सोमवार को वर्ल्ड टाइगर डे पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में कहीं। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम का आयोजन टाइगर फाउंडेशन कमेटी की ओर से किया गया। 785 बाघों के साथ टाइगर स्टेट बने मध्यप्रदेश में आज टाइगर डे वन्य प्राणी संरक्षण और रेस्क्यू के लिए अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश को ‘टाइगर स्टेट' का तमगा हासिल है।
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कान्हा टाइगर रिजर्व में पुनर्स्थापित : सीएम
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए सफल प्रयास हो रहे हैं। आज मध्यप्रदेश में 7 टाइगर रिजर्व हैं। 25 लाख से ज्यादा पर्यटक प्रतिवर्ष प्रदेश में आते हैं। इससे 55 करोड़ से 60 करोड़ का राजस्व प्रदेश को प्राप्त होता है। उन्होंने आगे कहा कि वन विभाग ने अनाथ बाघों व शावकों को प्राकृतिक परिवेश में संरक्षित करते हुए कान्हा टाइगर रिजर्व में पुनर्स्थापित किया है।सीएम बोले- किंग कोबरा कम दिखाई देता है
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कई वन्यप्राणी ऐसे हैं जो काल के प्रभाव में विलुप्त हो रहे हैं, उनके पुनर्स्थापन का भी हम प्रयास करेंगे। सीएम ने कहा कि किंग कोबरा कम दिखाई देता है। इनकी गणना की जानी चाहिए। टाइगर की तरह अन्य वन्य प्राणियों की भी संख्या बढ़नी चाहिए। इसके लिए कार्यशाला करें और लोगों को जागरुक करें। सरकार पूरा सहयोग करेगी।
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