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प्लेन हादसे के घाव :बारामती प्लेन हादसे में जान गंवाने वाली फ्लाइट अटेंडेंट के परिजनों को नहीं मिला अब तक मुआवजा

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में जान गंवाने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली के परिजनों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उनके पिता शिवकुमार माली ने सरकार पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है।
बारामती प्लेन हादसे में जान गंवाने वाली फ्लाइट अटेंडेंट के परिजनों को नहीं मिला अब तक मुआवजा
फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली का फाइल फोटो
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नेशनल डेस्क। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस दर्दनाक घटना के घाव अब भी ताजा हैं। हादसे में जान गंवाने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली के परिवार का दर्द कम नहीं हो रहा है। हाल ही में पिंकी के पिता शिवकुमार माली ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि घटना के बाद से अब तक कंपनी वीएसआर वेंचर्स का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने तक नहीं आया। परिवार को अभी तक न तो कोई मुआवजा मिला है और न ही उन्हें यह भरोसा मिला है कि उनके साथ न्याय होगा।

    धमकी भरे फोन ने बढ़ाई परिवार की चिंता 

    शिवकुमार माली ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके बेटे को व्हाट्सएप पर एक कॉल आया, जिसमें अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें मीडिया से दूर रहने की सलाह दी गई। कॉल करने वाले ने कहा कि अगर वे इस मामले को ज्यादा उठाएंगे तो इससे न तो उनकी बेटी वापस आएगी और न ही अजित दादा। इस घटना के बाद परिवार असमंजस और डर के माहौल में जी रहा है। उनका कहना है कि वे अपने दर्द को न पूरी तरह सह पा रहे हैं और न ही खुलकर अपनी बात कह पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें यह भी डर है कि अगर उन्होंने आवाज उठाई तो उनकी बीमा राशि भी अटक सकती है।

    कुछ नेताओं का सहारा पर कंपनी से मदद नहीं

    पिंकी माली के परिवार का कहना है कि हादसे के बाद कुछ जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने उनसे मिलकर हिम्मत जरूर दी, लेकिन कंपनी की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिवार को जानकारी मिली है कि बारामती के एक अधिकारी अमोल सोनावाने ने पांच लाख रुपये का चेक दिया है। वहीं कई नेता जैसे समाधान सर्वंकर, निशिकांत शिंदे, सचिन अहीर, सुनील शिंदे, आदित्य ठाकरे, अरविंद सावंत और छगन भुजबल उनसे मिलने पहुंचे और सांत्वना दी। बावजूद इसके, हादसे की जांच और मुआवजे को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं और पिंकी माली का परिवार न्याय की उम्मीद में आज भी इंतजार कर रहा है।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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