असम विमान हादसे में बागपत का लाल प्रशांत शहीद:जिले में शोक की लहर, 6 साल पहले भर्ती हुए

बागपत। कंडेरा गांव निवासी प्रशांत सिंह तोमर पिछले छह वर्षों से भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण के दम पर उन्होंने एक सफल सैन्य अधिकारी के रूप में पहचान बनाई थी।
देश सेवा के दौरान दिया बलिदान
असम के जोरहाट एयरबेस पर नियमित परिचालन के दौरान एएन-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह तोमर वीरगति को प्राप्त हो गए। भारतीय वायुसेना ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया और विमान में लगी आग पर काबू पाया।
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6 साल पहले हुए थे भर्ती
बता दें कि प्रशांत सिंह तोमर का चयन लगभग छह साल पहले भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा देहरादून में पूरी की थी। परिवार और परिचितों के अनुसार वे अनुशासित, विनम्र और कर्मठ व्यक्तित्व के धनी थे। वायुसेना में भी उन्होंने अपनी कार्यशैली और समर्पण से वरिष्ठ अधिकारियों का विश्वास जीता था।
2 साल पहले हुई थी शादी
हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। प्रशांत के पिता उमेश तोमर भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं और वर्तमान में देहरादून में निवास करते हैं। दो वर्ष पूर्व ही प्रशांत का विवाह दिल्ली निवासी ऐश्वर्या से हुआ था। युवा अधिकारी की शहादत ने पत्नी, माता-पिता और पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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गांव के युवाओं के लिए थे प्रेरणा स्रोत
कंडेरा गांव के लोगों के अनुसार प्रशांत सिंह तोमर हमेशा समाज और देश के प्रति समर्पित रहते थे। जब भी उन्हें अवसर मिलता, वे गांव पहुंचकर युवाओं को सेना और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते थे। उनकी शहादत से गांव ने अपना एक गौरवशाली बेटा खो दिया है।












