मोबाइल पर नहीं आएगा तेज आवाज वाला इमरजेंसी अलर्ट,एनडीएमए ने रोकी सेल ब्रॉडकास्ट सेवा

अगर पिछले कुछ हफ्तों में आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ कोई चेतावनी संदेश आया था, तो फिलहाल ऐसी अलर्ट नोटिफिकेशन मिलनी बंद हो सकती हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीएमए ने सेल ब्रॉडकास्ट सेवा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। यह वही सिस्टम है जिसके जरिए लोगों के मोबाइल फोन पर आपदा, खराब मौसम या किसी अन्य आपात स्थिति से जुड़े अलर्ट सीधे भेजे जा रहे थे। एनडीएमए के अधिकारियों ने बताया है कि यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है और अगले आदेश तक लागू रहेगा। हालांकि प्राधिकरण की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सेवा को रोकने की जरूरत क्यों पड़ी, लेकिन माना जा रहा है कि सिस्टम और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं की तकनीकी समीक्षा की जा सकती है।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट सेवा, जो अचानक चर्चा में आ गई?
सेल ब्रॉडकास्ट सेवा सरकार द्वारा शुरू किया गया एक विशेष अलर्ट सिस्टम है, जिसका मकसद आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों तक तुरंत जानकारी पहुंचाना है। इस सिस्टम के तहत किसी क्षेत्र में मौजूद मोबाइल यूजर्स के फोन पर सीधे चेतावनी संदेश भेजे जाते हैं। यह अलर्ट सामान्य मैसेज की तरह इनबॉक्स में नहीं आता, बल्कि फोन स्क्रीन पर बड़े पॉप-अप के रूप में दिखाई देता है। इसके साथ तेज अलार्म जैसी आवाज भी सुनाई देती है ताकि यूजर का ध्यान तुरंत उस संदेश की ओर जाए। कुछ स्मार्टफोन में यह संदेश पढ़कर भी सुनाया जाता है।
मई में शुरू हुई थी यह नई व्यवस्था
सरकार ने मई 2026 में सेल ब्रॉडकास्ट सेवा को औपचारिक रूप से शुरू किया था। लॉन्च के बाद इसका इस्तेमाल कई राज्यों में मौसम संबंधी चेतावनियां भेजने के लिए किया गया। हाल के दिनों में उत्तर भारत के कई इलाकों में आई आंधी, तूफान और ओलावृष्टि को लेकर भी लोगों को इसी सिस्टम के जरिए अलर्ट भेजे गए थे। इस सेवा का उद्देश्य लोगों को समय रहते संभावित खतरे की जानकारी देना था ताकि वे खुद को सुरक्षित रख सकें और जरूरी सावधानियां अपना सकें।
आखिर क्यों रोकी गई सेवा?
एनडीएमए की ओर से जारी सलाह में सेवा को अस्थायी रूप से रोकने की पुष्टि की गई है, लेकिन इसके पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर तकनीकी पहलुओं और संचालन प्रक्रिया की समीक्षा की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े सार्वजनिक चेतावनी तंत्र को लगातार बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर परीक्षण और समीक्षा की जरूरत होती है। ऐसे में यह कदम सिस्टम को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी हो सकता है।
सामान्य SMS से कैसे अलग है यह तकनीक?
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक पारंपरिक SMS सेवा से काफी अलग तरीके से काम करती है। सामान्य संदेशों को एक-एक नंबर पर भेजा जाता है, जबकि सेल ब्रॉडकास्ट एक साथ किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन तक अलर्ट पहुंचा सकता है। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती। भारी नेटवर्क ट्रैफिक या आपदा की स्थिति में भी यह तकनीक तेजी से लोगों तक संदेश पहुंचाने में सक्षम मानी जाती है। यही वजह है कि दुनिया के कई देशों में प्राकृतिक आपदाओं, भूकंप, बाढ़, सुनामी और अन्य आपात स्थितियों के दौरान इस तरह के अलर्ट सिस्टम का उपयोग किया जाता है।
कई सरकारी एजेंसियों ने मिलकर किया तैयार
सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने विकसित किया है। इसके विकास में दूरसंचार विभाग (डीओटी), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और गृह मंत्रालय की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस तकनीक को खासतौर पर इस उद्देश्य से तैयार किया गया था कि किसी विशेष इलाके में मौजूद नागरिकों तक कुछ ही सेकंड में महत्वपूर्ण चेतावनी पहुंचाई जा सके।
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क्या आगे फिर शुरू होगी यह सेवा?
फिलहाल एनडीएमए ने कहा है कि यह रोक अस्थायी है। यानी सेवा को स्थायी रूप से बंद नहीं किया गया है। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की मंजूरी मिलने के बाद इसे दोबारा शुरू किया जा सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह सेवा कब तक बंद रहेगी। आने वाले दिनों में प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में नई जानकारी जारी की जा सकती है।












