देश में पहली बार...एरियल डिस्टेंस के आधार पर मप्र में बनेंगे हाईवे,1100 किमी लंबी छह सड़कें बनेंगी

अशोक गौतम,भोपाल। देश में पहली बार मध्यप्रदेश में एरियल डिस्टेंस के आधार पर आधा दर्जन हाईवे बनाए जाएंगे। इनकी कुल लंबाई 1100 किलोमीटर से अधिक होगी। सभी हाईवे को घुमावदार बनाने के बजाय अधिकतम सीधा ही बनाया जाएगा। इससे एक शहर से दूसरे शहर की दूरी और यात्रा समय में एक से तीन घंटे तक की कमी आएगी। इन सड़कों का निर्माण ग्रीनफील्ड मॉडल पर किया जाएगा। इसका काम 'हैम' (HAM - Hybrid Annuity Model) और बीओटी मोड पर किया जाएगा। निर्माण के बाद इसकी लागत की वसूली 20 से 30 सालों तक टोल के माध्यम से की जाएगी।
कम समय में दूसरे शहर तक पहुंचने की सुविधा
प्रदेश में व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से इन हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। इससे माल परिवहन और यात्री वाहनों को बिना बाधा कम समय में एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने में सुविधा होगी। इन सड़कों को डेडिकेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि लोकल वाहनों का सीधा प्रवेश न हो सके। इसके लिए हर 50 किलोमीटर पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएंगे।
ये भी पढ़ें: Supreme Court: चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मध्यप्रदेश सरकार से मांगा जवाब
एजेंसी रूट तय करेगी
निजी एजेंसी इन हाईवे का रूट तय करेगी। इसके लिए फिजिबिलिटी सर्वे कराया जाएगा। हालांकि हाईवे को अधिकतम सीधा रखने की योजना है, लेकिन जहां घनी आबादी वाले गांव या शहर आएंगे, वहां आवश्यकतानुसार मोड़ दिए जाएंगे। इससे शहरों को बायपास की सुविधा मिलेगी और गांवों तथा शहरों में विस्थापन की समस्या भी कम होगी।

दिल्ली-मुंबई से सीधे जुड़ेगा भोपाल
भोपाल-मंदसौर हाईवे के जरिए भोपाल को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़ा जाएगा। इसके बाद भोपाल से दिल्ली तक की यात्रा करीब आठ घंटे में पूरी हो सकेगी। वर्तमान में सीधा हाई-स्पीड रोड कनेक्शन नहीं होने के कारण दिल्ली पहुंचने में 10 से 12 घंटे लगते हैं। इससे मंडीदीप, गोविंदपुरा, बगरोदा, महाबड़िया और मोहासा-बाबई समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों को दिल्ली और मुंबई तक ट्रांसपोर्टेशन में आसानी होगी। करीब 11,550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस हाईवे में सिर्फ 13 इंटरचेंज प्रस्तावित हैं।
ये भी पढ़ें: भोपाल : मप्र में दो सौ नगरीय निकायों में एक दिन छोड़कर पानी, क्योंकि ट्यूबवैल सूखने लगे, 270 करोड़ खर्च का प्लान
तीन बड़े फायदे
- भोपाल-मंदसौर हाईवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे जुड़ेगा जिससे मप्र में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
- बड़े शहरों की दूरी तय करने में 4 से 5 घंटे बचेंगे।
- प्रदेश से दिल्ली जाना आसान होगा।
डीपीआर बनाने का काम शुरू
प्रदेश में कुछ हाईवे को एरियल डिस्टेंस के आधार पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। इनमें कई परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। इन हाइवे के निर्माण से शहरों के बीच दूरी और यात्रा समय दोनों कम होंगे।
सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग












