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Eye Twitching :क्या आपकी भी बार-बार फड़कती है आंख... यह शुभ-अशुभ का संकेत या किसी बीमारी का इशारा?

क्या आपकी आंख या पलक बार-बार फड़कती है? जानिए इसके पीछे तनाव, नींद की कमी, स्क्रीन टाइम, पोषण की कमी और अन्य मेडिकल कारण। पढ़ें आंख फड़कने के लक्षण, बचाव के आसान उपाय और किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
क्या आपकी भी बार-बार फड़कती है आंख... यह शुभ-अशुभ का संकेत या किसी बीमारी का इशारा?

नई दिल्ली। कभी अचानक आंख या पलक फड़कने लगे तो ज्यादातर लोग इसे शुभ या अशुभ संकेत मान लेते हैं। हालांकि मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि आंख फड़कने का भविष्य से कोई संबंध नहीं है। यह शरीर की मांसपेशियों और नसों से जुड़ी एक सामान्य प्रतिक्रिया होती है, जो अक्सर तनाव, नींद की कमी, आंखों पर ज्यादा दबाव या कुछ पोषक तत्वों की कमी के कारण होती है।

अधिकतर मामलों में यह समस्या कुछ सेकंड या मिनटों में अपने-आप ठीक हो जाती है, लेकिन अगर आंख लगातार कई दिनों या हफ्तों तक फड़कती रहे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

क्या होता है आंख फड़कना?

मेडिकल भाषा में आंख या पलक के अनियंत्रित रूप से बार-बार हिलने को मायोकाइमिया (Myokymia) कहा जाता है। इसमें पलकों या आंखों के आसपास की छोटी मांसपेशियां बिना इच्छा के सिकुड़ने लगती हैं। कई बार हल्की कंपन महसूस होती है, जबकि कुछ लोगों में आंख बार-बार बंद होने जैसी स्थिति भी बन सकती है।

आंख फड़कने के मुख्य कारण

जानकारी के मुताबिक, आंख फड़कने के पीछे कई लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य संबंधी कारण हो सकते हैं।

1. तनाव और मानसिक दबाव
लगातार तनाव या चिंता रहने पर शरीर की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं। इसका असर आंखों की पलकों पर भी पड़ सकता है।

2. नींद की कमी
अगर शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता तो आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं और पलक फड़कने लगती है।

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3. ज्यादा स्क्रीन टाइम
मोबाइल, लैपटॉप और टीवी को लंबे समय तक देखने से आंखों पर दबाव बढ़ता है। इससे आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं और फड़कन शुरू हो सकती है।

4. कैफीन और शराब का अधिक सेवन
जरूरत से ज्यादा चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या शराब का सेवन भी आंख फड़कने की वजह बन सकता है।

5. आंखों का सूखापन
ड्राई आई, एलर्जी या आंखों में जलन होने पर भी बार-बार पलक फड़कने की शिकायत हो सकती है।

6. पोषण की कमी
शरीर में मैग्नीशियम, पोटैशियम और विटामिन B12 जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन और फड़कन महसूस हो सकती है।

7. डिहाइड्रेशन
शरीर में पानी की कमी होने से भी मांसपेशियों का सामान्य काम प्रभावित होता है, जिससे आंख फड़क सकती है।

8. कुछ दवाओं का असर
कुछ एंटीडिप्रेसेंट, एंटी-एंग्जायटी दवाएं, स्टेरॉयड और अन्य दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में भी आंख फड़कने की समस्या हो सकती है।

क्या आंख फड़कना किसी गंभीर बीमारी का संकेत?

ज्यादातर मामलों में यह सामान्य समस्या होती है, लेकिन यदि यह लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो यह कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का संकेत हो सकता है। इनमें शामिल हैं-

  • ब्लेफेरोस्पाज्म (Blepharospasm)
  • हेमीफेशियल स्पैज्म (Hemifacial Spasm)
  • मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis)
  • कुछ अन्य तंत्रिका तंत्र संबंधी विकार

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

इन परिस्थितियों में डॉक्टर से सलाह जरूर लें-

  • आंख कई दिनों या हफ्तों तक लगातार फड़क रही हो।
  • आंख बार-बार पूरी तरह बंद होने लगे।
  • चेहरे के अन्य हिस्सों में भी झटके महसूस हों।
  • देखने में परेशानी होने लगे।
  • आंखों में दर्द, सूजन या लालपन के साथ फड़कन हो।
  • फड़कन बार-बार लौटकर आ रही हो।

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आंख फड़कने से कैसे बचें?

विशेषज्ञ कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह देते हैं-

  • रोज 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
  • तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने की आदत अपनाएं।
  • मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल सीमित करें।
  • 20-20-20 नियम अपनाएं। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें।
  • कैफीन और शराब का सेवन कम करें।
  • धूम्रपान और नशीले पदार्थों से दूरी बनाएं।
  • मैग्नीशियम, पोटैशियम और विटामिन B12 से भरपूर संतुलित आहार लें।
  • आंखों पर हल्की गर्म सिकाई करने से भी आराम मिल सकता है।

क्या आंख फड़कना शुभ या अशुभ होता है?

भारतीय समाज में आंख फड़कने को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। कहीं इसे शुभ माना जाता है तो कहीं अशुभ। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अधिकांश मामलों में आंख फड़कना केवल शरीर की सामान्य न्यूरो-मस्कुलर प्रतिक्रिया होती है, जिसका संबंध जीवनशैली और स्वास्थ्य से होता है, न कि भविष्य में होने वाली घटनाओं से।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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