बालाघाट में सोसायटी प्रबंधक के पास 5 बस, 2 ट्रैक्टर और 4 फोर व्हीलर, EOW का छापा

बालाघाट। जिले के लांजी में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) जबलपुर ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में मनेरी सेवा सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक विलास चौरे के नीमटोला स्थित घर पर गुरुवार सुबह छापा मारा। करीब डेढ़ दर्जन अधिकारियों की टीम ने सुबह लगभग 6 बजे पहुंचकर घर और उससे जुड़े ठिकानों पर दस्तावेज, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच शुरू की।कार्रवाई देर तक जारी रही। EOW की प्रारंभिक जांच में चौरे और उसके परिवार के नाम पर कई वाहन, मकान, कृषि भूमि, बैंक खाते, बीमा पॉलिसियां और कारोबार से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। जांच में पांच बस, दो ट्रैक्टर, चार फोर व्हीलर और तीन दोपहिया वाहन मिलने की जानकारी सामने आई है। बसों का संचालन ‘मातोश्री’ नाम से बालाघाट-हैदराबाद रूट पर किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। ट्रैक्टरों का उपयोग कृषि कार्य के लिए किराए पर किए जाने की जानकारी मिली है।
पत्नी के नाम ट्रैवल्स, कृषि यंत्रों के कारोबार की भी जानकारी
जांच में पता चला है कि चौरे की पत्नी पदमा चौरे के नाम पर ट्रैवल्स का कारोबार संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा परिवार के नाम कृषि यंत्रों के कारोबार से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। EOW टीम इन कारोबारों से होने वाली आय और उसमें हुए निवेश का मिलान कर रही है। तलाशी के दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और जिला सहकारी बैंक में खाते मिलने की जानकारी सामने आई है। इन खातों के लेन-देन की जांच के लिए इन्हें सीज किया गया है। इसके अलावा एलआईसी और निजी कंपनी की बीमा पॉलिसियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।
5 लाख की जमीन पर 50 लाख का मकान, जिम के लिए 10 लाख के उपकरण
जांच में जमीन और मकान से जुड़ी संपत्ति भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक करीब 5 लाख रुपए में खरीदी गई जमीन पर लगभग 50 लाख रुपए की लागत से मकान बनाया गया। इसके अलावा करीब 10 लाख रुपए की कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है। खास बात यह है कि चौरे के घर परिसर में निजी जिम खोलने की तैयारी भी चल रही थी। इसके लिए करीब 10 लाख रुपए के जिम उपकरण खरीदे जाने की जानकारी EOW को मिली है। टीम ने जमीन, मकान, निवेश और अन्य संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी जब्त कर जांच के दायरे में लिए हैं। तलाशी में करीब 5 लाख रुपए का सोना मिलने की जानकारी भी सामने आई है।
दैनिक वेतनभोगी से प्रभारी प्रबंधक तक पहुंचे
विलास चौरे ने वर्ष 2014 में सेवा सहकारी समिति में दैनिक वेतनभोगी के रूप में नौकरी शुरू की थी। वर्तमान में वह मनेरी सेवा सहकारी समिति में प्रभारी प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। EOW अब उनकी पूरी सेवा अवधि की वैध आय, वेतन, अन्य आय और संपत्तियों का मिलान कर रही है। EOW अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक गणना में उनकी ज्ञात आय करीब 20 से 25 लाख रुपए के आसपास सामने आई है, जबकि संपत्तियों का मूल्य इससे कई गुना अधिक है। कुछ रिपोर्टों में प्रारंभिक जांच के आधार पर यह अंतर करीब 500 गुना तक बताया गया है। हालांकि संपत्तियों के अंतिम मूल्यांकन और आय के वैध स्रोतों का मिलान पूरा होने के बाद ही वास्तविक अनुपात स्पष्ट होगा। दूसरी रिपोर्ट में प्रारंभिक तौर पर संपत्ति ज्ञात आय से करीब चार गुना अधिक आंकी गई है।
समिति के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
EOW की टीम केवल निजी संपत्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सहकारी समिति से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। समिति में पद पर रहते हुए किए गए लेन-देन, बैंक खातों, निवेश, संपत्ति खरीद और कारोबार से हुई आय का मिलान किया जा रहा है। संबंधित बैंकों से भी वित्तीय जानकारी जुटाई जा रही है। EOW ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी में सामने आए दस्तावेजों और संपत्तियों की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन सी संपत्तियां वैध आय के स्रोतों से अर्जित हुईं और किन संपत्तियों का आय से अनुपातहीन होना साबित होता है।
फैक्ट फाइल
आरोपी : विलास चौरे, प्रभारी प्रबंधक, मनेरी सेवा सहकारी समिति
स्थान : नीमटोला, लांजी
कार्रवाई : EOW जबलपुर
बस : 5
ट्रैक्टर : 2
फोर व्हीलर : 4
दोपहिया : 3
बैंक खाते : 3 खाते सीज
जमीन : कृषि भूमि समेत अन्य संपत्तियां जांच में
मकान : करीब 50 लाख रुपए लागत का बताया गया
जिम : करीब 10 लाख रुपए के उपकरण
सोना : करीब 5 लाख रुपए
नौकरी : 2014 में दैनिक वेतनभोगी के रूप में शुरुआत
मामला : आय से अधिक संपत्ति/भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच
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