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बिजली कंपनी को जासूसों का सहारा, 6 महीने में 91 चोरियां पकड़ी गईं

अनोखी व्यवस्था : पहचान उजागर नहीं होने और पुरस्कार मिलने के कारण लोग दे रहे मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को सूचना
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बिजली कंपनी को जासूसों का सहारा, 6 महीने में 91 चोरियां पकड़ी गईं

राजीव कटारे-ग्वालियर। ‘शोले’ फिल्म का यह डायलॉग ‘हमारे जासूस कोने कोने में फैले हुए हैं’, सभी को याद होगा। कुछ इसी प्रकार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भी अपने जासूस तंत्र के जरिए बिजली चोरों पर लगाम लगाने में जुट गई है। यह हो रहा है मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुखबिर यानि की पारितोषिक योजना के तहत, इसमें न केवल बिजली कंपनी को राजस्व प्राप्त हो रहा है, बल्कि सूचना देने वाले को भी आर्थिक लाभ हो रहा है। इससे पहले बिजली कंपनी शहर में राजस्व बढ़ोतरी के लिए बकायादारों के यहां पर गार्ड बैठा चुकी है, इसके बाद भी राजस्व घाटा बढ़कर 585 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

  • 29,65,444रुपए का राजस्व आया है अप्रैल से लेकर अभी तक कंपनी के खाते में
  • 4,04,991 रुपए पुरस्कार दिया कंपनी ने बिजली चोरी की सूचना देने वालों को
  • 91 लोगों की बिजलीचोरी पकड़ी मुखबिर की सूचना पर सिटी सर्किल में पिछले 6 महीने में

नंबर से लेकर एकाउंट तक की जानकारी गुप्त

इस योजना में आमजन द्वारा रुचि लेने की एक प्रमुख वजह यह है कि सूचना देने वाले की जानकारी बहुत ही गुप्त रखी जाती है। उसका नाम-पता से लेकर एकाउंट नंबर तक एमडी ऑफिस भोपाल में रहता है। यही नहीं, बिजली चोरी वाले उपभोक्ता के यहां विद्युत अधिनियम 2003 के तहत जो पेनल्टी लगाई जाती है, उसका 10 प्रतिशत सूचना देने वाले को प्रदान किया जा रहा है और अप्रैल से लेकर अभी तक लोगों को इस योजना के तहत 4,04,991 रुपए सूचना देने के एवज में दिए हैं।

इनका कहना है

मुखबिर योजना चार साल पुरानी है, लेकिन पिछले 6 महीने में इसका प्रमोशन अधिक होने के कारण लोग सूचना दे रहे हैं। हर महीने 40 से 45 सूचना इस प्रकार की बिजली चोरी की हमें मिलती हैं, 80 फीसदी सूचना सही रहती हैं। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाती है। - नितिन मांगलिक, जीएम मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, सिटी सर्किल

People's Reporter
By People's Reporter

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