UP News :चुनाव खत्म होते ही याद आया संकट...PM मोदी की अपील पर अखिलेश यादव का तंज

लखनऊ। पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को दक्षिण भारत के कई देशों के दौरे पर थे। केरलम, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना शामिल है। पीएम ने यहां अपने संबोधन में ईरान- अमेरिका युद्ध से भारत को हो रहे नुकसान के बारे में बात की। मोदी ने लोगों से पेट्रोल- डीजल और एलपीजी के सही यूज की जानकारी दी। उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने पीएम पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है। यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर उन्हें घेरा है। वहीं उनसे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मोदी पर निशाना साधा था।
ईरान जंग पर क्या बोले अखिलेश
वेस्ट एशिया में जारी अमेरिका- ईरान जंग के बीच सपा चीफ ने कहा कि चुनाव खत्म होते PM मोदी को संकट याद आ गया, देश के लिए सिर्फ एक संकट है और वो है भाजपा, इतनी सारी पाबंदिया लगानी पड़ीं तो पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी। इतना ही नहीं अखिलेश आगे बोलते हैं कि लगता है कि भाजपा के हाथ से लगाम छूट गई है, जिससे डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है।
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लखनऊ से गोरखपुर तक भाजपा अपनी कमाई...
इसके अलावा अखिलेश ने पीएम मोदी के सोने खरीदने से बचने वाले बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं बल्कि भाजपा के भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए। क्योंकि आम जनता तो 1.5 लाख तोला सोनी नहीं खरीद सकती। भाजपा ही अपनी काली कमाई को बढ़ाने में लगी है।
सपा चीफ आगे कहते हैं...' अगर हमारी बातें आपको गलत लग रही तो आप लखनऊ से लकेर गोरखपुर तक पचा कर सकते हैं, या अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी तक
आगे वे कहते हैं कि इस तरह की अपील से बिजनेस से लेकर कारोबार में मंदी या महंगाई आ सकती है। निवेशकों में डर बनेगा जिससे डर के साथ घबराहट, बेचैनी, निराशा फैल सकती है। केंद्र का मुख्य काम अपने मौजूद संसाधनों का सही तरीके से यूज करना है जिससे की इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों से उबरा जा सके।
अखिलेश बोले- अपनी नाकामी स्वीकार करे सरकार
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अगर सरकार देश नहीं चला पा रही है तो उसे अपनी नाकामी स्वीकार करनी चाहिए, देश को बर्बादी की ओर नहीं धकेलना चाहिए। जिससे लोगों को भी गलत सरकार से बचाया जा सके।
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विदेश नीति में भाजपा पूरी तरह फेल- अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा हालातों की बड़ी वजह केंद्र सरकार की विदेश नीति है। उनके मुताबिक भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति को छोड़कर भाजपा सरकार कुछ खास देशों और दबावों के पीछे चल रही है, जिसका नुकसान देश की जनता भुगत रही है।
उन्होंने कहा कि इसका असर महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी और व्यापारिक संकट के रूप में सामने आ रहा है। अखिलेश ने दावा किया कि किसान, मजदूर, युवा, गृहिणी, नौकरीपेशा और कारोबारी हर वर्ग प्रभावित हुआ है।
गृह नीति और विदेश नीति दोनों में फेल केंद्र
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार विदेश नीति ही नहीं बल्कि गृह नीति में भी पूरी तरह असफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से की जा रही अपीलें उसकी असफलता की स्वीकारोक्ति हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद भाजपा का “असल चेहरा” सामने आ गया है और जनता अब सरकार की नीतियों से परेशान है।
भाजपा ने राजनीति और समाज दोनों को नुकसान पहुंचाया
- पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी घपलों से राजनीति को प्रदूषित किया गया और नफरत की राजनीति से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ा गया।
- उनका कहना कि भाजपा ने अपने आचरण से संस्कृति और संस्कारों को भी नुकसान पहुंचाया है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि साधु-संतों तक को विवादों में घसीटा गया और अब सरकार अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जता रही है।
देश कह रहा- अब भाजपा नहीं चाहिए
अखिलेश यादव ने कहा कि सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हर क्षेत्र में भाजपा सरकार ने देश का नुकसान किया है। उन्होंने दावा किया कि जनता में अब सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है और इसे चुनावी रणनीति से संभालना आसान नहीं होगा। उन्होंने नारे के अंदाज में कहा, देश कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा।
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी PM मोदी और भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से देश आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री देश को सही दिशा में नहीं ले जा पा रहे हैं और हालात आर्थिक डिप्रेशन जैसे बनते जा रहे हैं। उनके मुताबिक सरकार के हालिया कदम इस बाका संकेत हैं कि देश गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर सकता है।











