केरलम में CM फेस पर सस्पेंस :केसी वेणुगोपाल राहुल गांधी की पहली पसंद, सतीशन ने दिल्ली में पक्की की दावेदारी

तिरुुवनंतपुरम। केरलम में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के छह दिन बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बना हुआ है। इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक के बाद वेणुगोपाल मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। लेकिन सीएम के नामों में एक और नाम ने एंट्री मारी है, जिससे केरलम में बड़ा दांव फंस गया है.
राहुल-वेणुगोपाल की मुलाकात में क्या हुआ?
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने दिल्ली में वेणुगोपाल से अकेले में चर्चा की। इस दौरान केरल में सरकार गठन, विधायक दल की राय और संभावित मुख्यमंत्री चेहरे पर बातचीत हुई। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकता है। वेणुगोपाल फिलहाल अलाप्पुझा लोकसभा सीट से सांसद हैं।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस के 63 विधायकों में से करीब 75 से 80 प्रतिशत विधायक उनके समर्थन में बताए जा रहे हैं। अगर वे मुख्यमंत्री बनते हैं तो उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना होगा। ऐसे में इरिक्कूर सीट से जीते सनी जोसेफ इस्तीफा दे सकते हैं, ताकि वहां से वेणुगोपाल चुनाव लड़ सकें।
सीएम पद की रेस में कौन-कौन?
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे केसी वेणुगोपाल का नाम चल रहा है। हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीडी सतीशन और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथाला भी दावेदार माने जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि विधायक दल की बैठक में सतीशन को सिर्फ छह विधायकों का समर्थन मिला। हालांकि बाद में कांग्रेस के तीन पूर्व प्रदेश अध्यक्षों ने उनके नाम का समर्थन किया। इसके अलावा UDF की सहयोगी पार्टियों IUML और केरल कांग्रेस (जोसेफ) ने भी खुलकर सतीशन के पक्ष में राय रखी है।
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राहुल ने सतीशन से भी किए सवाल
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने सतीशन से मुलाकात के दौरान उनके खिलाफ उठ रहे सवालों पर भी चर्चा की। इस दौरान सतीशन ने माना कि वह वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नहीं हैं।
सतीशन का आरोप है कि कांग्रेस महासचिव होने के नाते वेणुगोपाल ने विधायकों के बीच गुटबाजी को बढ़ावा दिया। वहीं सतीशन ने खुद को जमीनी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने विपक्ष के नेता रहते हुए सभी को साथ लेकर काम किया।
टिकट बंटवारे पर भी उठा विवाद
सूत्रों के अनुसार, सतीशन ने कांग्रेस नेतृत्व से यह भी कहा कि अगर कुछ सीटों पर वेणुगोपाल की पसंद के उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया गया होता तो पार्टी और ज्यादा सीटें जीत सकती थी। उन्होंने नेनमारा, कजाकूटम, वडाकनचेरी, नेडुमंगड और चेरथला सीटों का उदाहरण दिया।
कांग्रेस में पोस्टर वॉर शुरू
मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। समर्थक अलग-अलग नेताओं के पोस्टर लगाकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगह प्रदर्शन और नारेबाजी भी देखने को मिली।
विधानसभा में UDF की मजबूत स्थिति
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस ने 63 सीटें जीती हैं। सहयोगी दल IUML के पास 22 सीटें, केरल कांग्रेस के पास 8 और RSP के पास 3 सीटें हैं। UDF गठबंधन ने कुल 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। वहीं पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला LDF सत्ता से बाहर हो गया है और विजयन इस्तीफा दे चुके हैं।











