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MP के तीन नए जिलों मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा को चुनाव आयोग ने दी मान्यता, अब इन जिलों के कलेक्टर होंगे अपीलीय अधिकारी

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MP के तीन नए जिलों मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा को चुनाव आयोग ने दी मान्यता, अब इन जिलों के कलेक्टर होंगे अपीलीय अधिकारी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्य प्रदेश में हाल ही में गठित तीन नए जिलों – मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा को आखिरकार चुनाव आयोग से आधिकारिक मान्यता मिल गई है। इसके साथ ही अब इन जिलों के कलेक्टर अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाली विधानसभा सीटों के लिए अपीलीय अधिकारी के तौर पर कार्य करेंगे।

    साथ ही आयोग ने उन जिलों के कलेक्टरों को भी अपीलीय अधिकारी से मुक्त कर दिया है जिन जिलों की सीमा से अलग कर ये नए जिले बने थे। मान्यता मिलने के बाद आयोग की लिस्ट में 55 जिले शामिल हो गए हैं।

    चुनाव आयोग ने दी नई जिलों को मान्यता

    भारत निर्वाचन आयोग ने मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा जिलों को आधिकारिक मान्यता देते हुए संबंधित कलेक्टरों को अपीलीय अधिकारी के रूप में कार्य करने की स्वीकृति दी है। आयोग के सचिव सुमन कुमार दास द्वारा इस आशय का नोटिफिकेशन जारी किया गया, जिसके बाद मध्यप्रदेश सरकार ने भी इसे राज्य में लागू कर दिया है।

    इन विधानसभा क्षेत्रों के लिए जिम्मेदार होंगे नए कलेक्टर

    1. मऊगंज जिला कलेक्टर – मऊगंज और देवतालाब विधानसभा सीटों के अपीलीय अधिकारी होंगे।
    2. पांढुर्णा कलेक्टर – पांढुर्णा और सौंसर विधानसभा क्षेत्र के लिए अपीलीय अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
    3. मैहर कलेक्टर – मैहर और अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी इन्हें दी गई है।

    पुराने जिलों से हटा गया अपीलीय अधिकार

    नए जिलों के अस्तित्व में आने के साथ ही चुनाव आयोग ने उन पुराने जिलों के कलेक्टरों से अपीलीय अधिकारी का दर्जा वापस ले लिया है, जिनसे ये नए जिले अलग हुए थे।

    • रीवा कलेक्टर – अब मऊगंज और देवतालाब के अपीलीय अधिकारी नहीं रहेंगे।
    • छिंदवाड़ा कलेक्टर – पांढुर्णा और सौंसर से अपीलीय अधिकार वापस लिए गए।
    • सतना कलेक्टर – अब मैहर और अमरपाटन के लिए अपीलीय अधिकारी नहीं रहेंगे।

    2023 में अस्तित्व में आए थे नए जिले

    • मऊगंज जिला – रीवा से अलग होकर 15 अगस्त 2023 को बना था, यह राज्य का 53वां जिला और रीवा संभाग का 5वां जिला है। इसका क्षेत्रफल 1866.88 वर्ग किलोमीटर है।
    • पांढुर्णा जिला – छिंदवाड़ा से अलग होकर 2023 में अस्तित्व में आया था। यह जबलपुर संभाग का 9वां और मध्यप्रदेश का 54वां जिला है, जिसका क्षेत्रफल 1522.22 वर्ग किलोमीटर है।
    • मैहर जिला – सतना से अलग कर 2023 में स्थापित किया गया। यह राज्य का 55वां और रीवा संभाग का 6वां जिला है, जिसका क्षेत्रफल 2722.79 वर्ग किलोमीटर है।

    अब चुनावी जिम्मेदारी भी पूरी तरह इन जिलों को

    इन जिलों में पहले से कलेक्टरों की नियुक्ति हो चुकी थी, लेकिन निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकार अब तक पुराने जिलों के कलेक्टरों के पास थे। विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान इन नए जिलों के कलेक्टरों को सिर्फ सहायक की भूमिका में रहना पड़ता था। अब चुनाव आयोग की मान्यता के साथ ये अधिकारी स्वतंत्र रूप से अपीलीय दायित्व निभा सकेंगे।

    मध्य प्रदेश के अब 55 जिले

    चुनाव आयोग की मान्यता के बाद अब मध्यप्रदेश में कुल 55 जिले हो गए हैं। इनमें हाल ही में शामिल हुए तीन जिले-मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा प्रशासनिक व चुनावी मानचित्र का हिस्सा बन चुके हैं।

    वहीं 55 जिलों में भोपाल, ग्वालियर, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अनूपपुर, अशोकनगर, दमोह, दतिया, देवास, धार, डिंडौरी, बालाघाट, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, गुना, हरदा, इंदौर, जबलपुर, झाबुआ, कटनी, खंडवा, खरगोन, मंडला, होशंगाबाद, मंदसौर, मुरैना, नागदा, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, सीहोर, सिवनी, नीमच, निवाड़ी, पन्ना, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाहजापुर, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा, श्योपुर, मैहर और मऊगंज, पांढुर्णा शामिल हैं।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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