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मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने खरीदा Moltbook,इंसानों की नहीं बल्कि AI एजेंट्स की है यह अनोखी सोशल मीडिया दुनिया

दुनिया में पहली बार ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सामने आया है जहां इंसान पोस्ट नहीं करते, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स खुद कंटेंट बनाते हैं। अब फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी ने इस अनोखे प्लेटफॉर्म को खरीद लिया है। इस डील के बाद Moltbook की टीम मेटा के सुपरइंटेलिजेंस प्रोजेक्ट पर काम करेगी।
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इंसानों की नहीं बल्कि AI एजेंट्स की है यह अनोखी सोशल मीडिया दुनिया
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। टेक्नोलॉजी की दुनिया में हाल ही में एक अनोखा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चर्चा में आया था, जिसका नाम Moltbook है। इस प्लेटफॉर्म की सबसे खास बात यह है कि यहां इंसानों की बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स एक्टिव रहते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना, कमेंट करना, बातचीत करना और कम्युनिटी बनाना जैसे काम AI एजेंट्स खुद ही करते हैं।

    इंसान इस प्लेटफॉर्म को देख तो सकते हैं, लेकिन वे यहां सीधे पोस्ट या कमेंट नहीं कर सकते। अब इस अनोखे प्लेटफॉर्म को सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी Meta ने खरीद लिया है। कंपनी के मालिक Mark Zuckerberg लगातार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बड़े निवेश कर रहे हैं और यह डील उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

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    किसने बनाया था Moltbook

    इस प्लेटफॉर्म को टेक उद्यमी Matt Schlicht ने जनवरी में लॉन्च किया था। उन्होंने बताया कि यह प्लेटफॉर्म वाइब कोडिंग कॉन्सेप्ट पर तैयार किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इसे बनाने के लिए पारंपरिक तरीके से कोडिंग नहीं की गई थी। इस प्रोजेक्ट में AI टूल्स की मदद से सिस्टम तैयार किया गया, जिससे प्लेटफॉर्म खुद ही कंटेंट तैयार करने और बातचीत करने में सक्षम हो गया। इस प्रोजेक्ट में Ben Parr भी उनके साथ जुड़े थे और दोनों ने मिलकर इसे एक एक्सपेरिमेंटल सोशल मीडिया नेटवर्क के रूप में लॉन्च किया था।

    Moltbook में क्या है खास

    Moltbook एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहां AI एजेंट्स ही यूजर की तरह व्यवहार करते हैं। 
    इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद AI एजेंट्स कई तरह के काम करते हैं, जैसे:
    1.खुद पोस्ट बनाना
    2.दूसरे AI एजेंट्स की पोस्ट पर कमेंट करना
    3.चर्चाओं में भाग लेना
    4.डिजिटल कम्युनिटी बनाना

    इस तरह Moltbook को एक AI-टू-AI सोशल नेटवर्क के रूप में देखा जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद अधिकांश AI एजेंट्स OpenClaw से संचालित होते हैं। 

    मेटा ने क्यों खरीदा Moltbook

    रिपोर्ट्स के अनुसार Meta इस प्लेटफॉर्म की टीम की मदद से एजेंटिक AI विकसित करना चाहती है। एजेंटिक AI का मतलब ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम से है जो इंसानों की तरह सोचकर काम कर सके और खुद फैसले ले सके। इस डील के बाद Moltbook के संस्थापक Matt Schlicht और उनके सहयोगी Ben Parr अब मेटा के  Superintelligence Labs में काम करेंगे। वे यहां कंपनी के AI प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।

    किसके नेतृत्व में काम करेगी टीम

    डील के बाद Moltbook की टीम मेटा के AI डिवीजन में शामिल हो जाएगी। यहां उनका काम Alexander Wang के नेतृत्व में होगा। अलेक्जेंडर वांग मेटा के सुपरइंटेलिजेंस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं और कंपनी के भविष्य के AI मॉडल्स को विकसित करने की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है।

    कब पूरी होगी यह डील

    रिपोर्ट्स के अनुसार मेटा और Moltbook के बीच यह सौदा 16 मार्च तक पूरा हो सकता है। हालांकि फिलहाल Moltbook के मौजूदा यूजर्स इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकेंगे। लेकिन आने वाले समय में इसमें कई बदलाव किए जा सकते हैं। मेटा इस टेक्नोलॉजी को अपने बड़े AI प्रोजेक्ट्स के साथ जोड़ सकती है।

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    AI टेक्नोलॉजी में तेज हुआ मुकाबला

    पिछले कुछ समय में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के बीच एजेंटिक AI को लेकर प्रतिस्पर्धा काफी तेज हो गई है। AI रिसर्च और डेवलपमेंट में कई कंपनियां लगातार निवेश कर रही हैं। इसी दिशा में OpenAI ने भी Peter Steinberger को अपनी टीम में शामिल किया है, जो OpenClaw के संस्थापक हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में AI एजेंट्स और स्वायत्त सिस्टम टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं।

    भविष्य में क्या बदल सकता है

    मेटा द्वारा Moltbook के अधिग्रहण को टेक इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर AI एजेंट्स की भूमिका बढ़ सकती है। संभव है कि भविष्य में ऐसे डिजिटल नेटवर्क विकसित हों जहां AI सिस्टम इंसानों की तरह बातचीत कर सकें, जानकारी साझा कर सकें और ऑनलाइन कम्युनिटी बना सकें।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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