जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। श्रीनगर की एक अदालत ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) घोटाले से जुड़े मामले में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत ने उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी खारिज करते हुए यह कार्रवाई की।
यह आदेश श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने उस समय दिया जब मामले में आरोप तय करने के लिए सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान फारूक अब्दुल्ला अदालत में पेश नहीं हुए। उनके वकील ने अदालत में अर्जी देकर कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकते, इसलिए उन्हें छूट दी जाए। हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी की मौजूदगी वर्चुअल माध्यम से भी सुनिश्चित की जा सकती थी, लेकिन बचाव पक्ष ने इस विकल्प को भी स्वीकार नहीं किया। इसके बाद अदालत ने छूट की अर्जी खारिज करते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
यह आदेश उस घटना के ठीक एक दिन बाद आया है जब जम्मू में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान फारूक अब्दुल्ला पर कथित तौर पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई थी। पुलिस के अनुसार कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को काबू कर लिया और अब्दुल्ला सुरक्षित बच गए। पुलिस फिलहाल इस हमले के पीछे की वजह और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च की तारीख तय की है। तब तक अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
जिस मामले में वारंट जारी किया गया है, वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के कामकाज में कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ा है। उस समय फारूक अब्दुल्ला JKCA के अध्यक्ष थे। CBI ने 2018 में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी के अनुसार 2002 से 2011 के बीच क्रिकेट के विकास के लिए मिले फंड में करीब 43 करोड़ रुपए से ज्यादा की वित्तीय गड़बड़ियां हुई। ये फंड भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट के विकास के लिए दिए गए 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के अनुदान का हिस्सा थे।
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क्रिकेट एसोसिएशन में कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर दाखिल जनहित याचिका के बाद 2015 में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई की चार्जशीट में फारूक अब्दुल्ला समेत एसोसिएशन के कई पूर्व अधिकारियों के नाम शामिल किए गए थे। इन पर आपराधिक साजिश और आपराधिक विश्वासघात जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि फारूक अब्दुल्ला पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं और उन्हें राजनीति से प्रेरित बता चुके हैं। फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है।