मजदूर पिता की बेटी की दोनों किडनियां खराब, छोटी बहन को किडनी देगी बड़ी बहन, इलाज के 10 लाख के लिए क्राउड फंडिंग

अपनी छोटी बहन की दोनों किडनियां खराब होने पर बड़ी बहन ने एक किडनी देने का फैसला किया है। छोटी बहन का इलाज नागपुर में चल रहा है। परिवार के पास इतने पैसे भी नहीं की किडनी ट्रांसप्लांट करवा सकें। इसके लिए अब आम लोगों से सहयोग के रूप में पैसा लिया जा रहा है।
मजदूर पिता की बेटी की दोनों किडनियां खराब, छोटी बहन को किडनी देगी बड़ी बहन, इलाज के 10 लाख के लिए क्राउड फंडिंग
प्रतीकात्मक चित्र
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। नर्मदापुरम जिले के इटारसी में एक मजदूर पिता पर तब कुठाराघात हुआ जब डॉक्टर्स ने बताया कि उनकी बेटी की दोनों किडनियां फेल हो गई हैं। पुरानी इटारसी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए से रहने वाले संदीप चौरे यह सुनकर अपनी बेबसी पर रो उठे। उनकी 23 साल की बेटी निकिता का इलाज कैसे कराएंगे, किडनी मिलेगी या नहीं, मिलेगी भी तो कैसे ट्रांसप्लांट कराएंगे क्योंकि पैसे तो हैं नहीं। ऐसी स्थिति में शहर के समाजसेवियों ने जनसहयोग से धन संग्रह (क्राउड फंडिंग) करने का निर्णय लिया है। 

    ट्रांसप्लांट करने के लिए चाहिए 10 लाख रुपए

    संदीप चौरे की बेटी निकिता की दोनों किडनी खराब होने का पता छह महीने पहले अगस्त 2025 में चला। तब से पूरा परिवार अस्पतालों के चक्कर लगाकर परेशान है। अब तक निकिता को 13 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया है, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं है। डॉक्टर्स का कहना है कि किडनी बदली जा सकती है, लेकिन वह मैच होना चाहिए। ऐसे में निकिता की बड़ी बहन शिखा ने एक किडनी देने का निर्णय लिया है। अब नागपुर के गंगा केयर अस्पताल में शिखा की एक किडनी छोटी बहन निकिता को लगाई जाएगी। किडनी ट्रांसप्लांट पर 10 लाख रुपए का खर्च आ रहा है।

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    समाजसेवी-मीडियाकर्मी आगे आए

    किडनी डोनेट करने वाली शिखा ने कहा कि मैं अपनी बहन को किडनी तो दे रही हूं, लेकिन अस्पताला का खर्च हमारे बस से बाहर है। अगर समाज के लोग कुछ मदद कर देंगे तो मेरी बहन की खुशी लौट आएगी। चौरे परिवार की परेशानी को देखते हुए इटारसी शहर के समाजसेवी और मीडियाकर्मी आगे आए हैं। पत्रकार-व्यवसायी अनिल मिहानी ने इस घटना को लेकर एक मार्मिक पत्र शहरवासियों को लिखा है। इसके बाद शहरवासियों ने चौरे परिवार की मदद शुरू की है। निकिता-शिखा की मदद के लिए मददगार उनके बैंक अकाउंट में डोनेशन दे रहे हैं।

    मदद के लिए इस नंबर पर कर सकते हैं कॉल 

    मदद के लिए शिखा के फोन नंबर 7000963513 पर संपर्क किया जा सकता है। अभी मदद देने का सिलसिला सिर्फ एक शहर तक सीमित है, प्रदेश के अन्य शहरों से भी मदद मिलेगी तो जरूरत की राशि समय पर इकट्ठी हो सकेगी। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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