तेहरान। मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ईरान में रह रहे भारतीयों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों समेत सभी परिवहन साधनों का उपयोग कर तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि क्षेत्र में युद्ध की आशंका जताई जा रही है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती शुरू कर दी है, जबकि ईरान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन और झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। इन्हीं हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित बाहर निकलने की सलाह दी है।

तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को जारी अपनी आधिकारिक एडवाइजरी में साफ कहा कि, ईरान में बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए वहां मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को सलाह दी जाती है कि, वे वाणिज्यिक उड़ानों समेत उपलब्ध सभी परिवहन साधनों का उपयोग कर ईरान छोड़ दें।
यह एडवाइजरी 5 जनवरी और 14 जनवरी 2026 को जारी पिछली चेतावनियों की निरंतरता में दोहराई गई है।
भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीयों के लिए कुछ अहम सावधानियां भी बताई हैं-
दूतावास ने खास तौर पर उन भारतीय नागरिकों से अपील की है जिन्होंने अब तक दूतावास में अपना पंजीकरण (Registration) नहीं कराया है। ऐसे नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि, वे तुरंत आधिकारिक लिंक पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित निकासी और सहायता सुनिश्चित की जा सके।
रजिस्ट्रेशन लिंक: https://www.meaers.com/request/home
दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि, यदि ईरान में इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण कोई भारतीय नागरिक खुद रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहा है, तो भारत में रह रहे उनके परिवार के सदस्य भी उनकी ओर से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए दूतावास ने कई आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं-
इसके अलावा नागरिक cons.tehran@mea.gov.in पर ईमेल के जरिए भी संपर्क कर सकते हैं।
वर्तमान संकट की जड़ें अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद में हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर 10-15 दिनों का अल्टीमेटम दिया था। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि, यदि नया समझौता नहीं हुआ तो इसके बहुत बुरे परिणाम हो सकते हैं।
इसके बाद अमेरिका ने मध्य पूर्व में युद्धपोत, फाइटर जेट्स और सैन्य संसाधनों की भारी तैनाती शुरू कर दी है। दूसरी ओर, ईरान में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पें देखने को मिल रही हैं।
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सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि, यदि अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई होती है तो इसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं। ऐसी स्थिति में सबसे ज्यादा जोखिम में वहां रहने वाले विदेशी नागरिक, खासकर छात्र और तीर्थयात्री होते हैं। यही वजह है कि, भारत सरकार किसी भी संभावित खतरे से पहले अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की दिशा में कदम उठा रही है।
भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि, विदेश में रह रहे हर भारतीय की सुरक्षा सर्वोपरि है। दूतावास लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे और कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि, वे घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न बरतें और दूतावास द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।