महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, लेकिन इतिहास में पहली बार दोनों सदनों विधानसभा और में नेता प्रतिपक्ष का पद खाली होगा। 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद से यह पद रिक्त है क्योंकि किसी भी विपक्षी दल ने सदन में 10% न्यूनतम संख्या को पार नहीं किया, जो नेता प्रतिपक्ष की मान्यता के लिए आवश्यक है।
शिवसेना UBT विधायक बोले- हमारे 20 विधायक होने के बावजूद नहीं मिला पद
शिवसेना (यूबीटी) विधायक भास्कर जाधव ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पहले तो सिंगल डिजिट विधायकों वाली पार्टियों को भी यह पद दिया गया है, जबकि उनकी पार्टी के पास 20 विधायक होने के बावजूद उन्हें यह पद नहीं मिला है। उन्होंने इसे महाराष्ट्र के लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ बताया। ऐसे में उनकी नाराजगी साफ देखी गई।
CM फडणवीस पेश करेंगे बजट
दूसरी ओर राज्य के 2026-27 के बजट को CM देवेंद्र फडणवीस 6 मार्च को विधानसभा में पेश करेंगे। पहले यह जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री अजित पवार की थी, लेकिन 28 जनवरी को बारामती में प्लेन हादसे में उनके निधन के बाद अब यह जिम्मेदारी फडणवीस के कंधो पर रहेगी। वहीं राज्य को भी बजट में नौकरी, व्यवसाय से खास उम्मीदें रहेगी।
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बजट सेशन से पहले फडणवीस ने क्या कहा
असेंबली का सेशन कल से शुरू हो रहा है। मैं बजट पेश करूंगा। अजित पवार ने बजट पेश करने की पूरी तैयारी कर ली थी। यह सुनेत्रा पवार के लिए एक नया अनुभव होगा, मुझे पूरा भरोसा है कि वह अजित दादा की तरह ही अपना रोल निभाएंगी।
विपक्ष : ऐसी घटना लोकतांत्रिक नियमों के खिलाफ, संस्थागत ढांचा कमजोर होगा
विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए खतरा करार दिया है। गठबंधन का कहना है कि विधानसभा और विधान परिषद-दोनों में नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी से संस्थागत जांच और संतुलन कमजोर होगा, खासकर ऐसे वक्त में जब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली महायुति के पास भारी बहुमत है।
वहीं, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने रविवार को LoP का पद न दिए जाने को “लोकतंत्र पर धब्बा” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को जवाबदेह ठहराने की विपक्ष की संवैधानिक भूमिका को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है।