हेल्दी स्नैकिंग के नाम पर हर 2 घंटे में खाना!मेटाबॉलिज्म बूस्ट नहीं, बढ़ सकती हैं ये परेशानियां

कई लोग आज भी ये मानते हैं कि हर दो घंटे में कुछ न कुछ खाते रहना फिटनेस का गोल्डन रूल है। सुबह हेल्दी स्नैक,फिर ग्रीन टी के साथ बिस्किट, दोपहर में हल्का-फुल्का खाना और शाम को प्रोटीन बार, सब कुछ इतना हेल्दी लगता है कि किसी को शक ही नहीं होता, लेकिन असली सवाल ये है कि अगर ये आदत इतनी फायदेमंद है, तो फिर इतने लोग हेल्दी खाने के बावजूद वजन बढ़ने, थकान और ब्लोटिंग की शिकायत क्यों कर रहे हैं।
दरअसल, शरीर को हर समय खाना नहीं, बल्कि सही समय पर सही पोषण चाहिए होता है। लंबे समय तक यह माना गया कि बार-बार छोटी मात्रा में 5 से 6 बार खाना खाने से मेटाबॉलिज्म तेज रहता है, शरीर में एनर्जी बनी रहती है और वजन कंट्रोल में रहता है. इसी वजह से स्नैकिंग कल्चर धीरे-धीरे लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया, ऑफिस बैग में स्नैक बॉक्स और जिम बैग में प्रोटीन बार आम बात हो गई।
क्या बार-बार खाना सचमें है फायदेमंद?
लेकिन अब न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स इस आदत को नए नजरिए से देख रहे हैं, उनका कहना है कि बार-बार खाना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता, खासकर तब जब लोग दिनभर की कुल कैलोरी पर ध्यान नहीं देते। कई बार लोग यह महसूस भी नहीं कर पाते कि चाय के साथ बिस्किट, काम करते वक्त चिप्स, मीठी कॉफी या हेल्दी प्रोटीन बार मिलकर दिनभर में सैकड़ों एक्स्ट्रा कैलोरी जोड़ देते हैं। यही वजह है कि कुछ लोग बैलेंस्ड डाइट लेने के बावजूद वजन बढ़ने की शिकायत करते हैं।
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टाइमपास के लिए कुछ भी खाना सही है?
एक और बड़ी समस्या यह है कि लगातार खाते रहने से लोग असली भूख और सिर्फ आदत में फर्क करना भूल जाते हैं, कई बार भूख नहीं होती, फिर भी बोरियत, तनाव या टाइमपास के कारण लोग कुछ न कुछ खाते रहते हैं, धीरे-धीरे यह आदत शरीर के नेचुरल हंगर सिस्टम को प्रभावित करने लगती है।
बार बार खाने से क्या असर पड़ता है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसका असर इंसुलिन लेवल पर भी पड़ सकता है, जब भी हम खाना खाते हैं, खासकर मीठी या रिफाइंड चीजें, तो ब्लड शुगर बढ़ता है और शरीर इंसुलिन रिलीज करता है। अगर पूरे दिन बार-बार खाना खाया जाए, तो इंसुलिन लंबे समय तक हाई रह सकता है। रिसर्च बताती है कि इससे शरीर की फैट बर्न करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ सकता है।
क्या हेल्दी स्नैक्स से भी हो सकती है परेशानी?
हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि बार-बार खाना हमेशा गलत है। कुछ लोगों के लिए छोटे-छोटे स्नैक्स फायदेमंद भी हो सकते हैं, जैसे डायबिटीज मरीज, एथलीट्स या वे लोग जिन्हें एक बार में ज्यादा खाना पचाने में परेशानी होती है। सही तरीके से प्लान किए गए हेल्दी स्नैक्स शरीर को लगातार ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं।
सिर्फ फायदें ही नहीं, हो सकते है कुछ नुकसान
असल फर्क इस बात से पड़ता है कि आप क्या खा रहे हैं और कितना खा रहे हैं, अगर स्नैकिंग में प्रोसेस्ड फूड, मीठी ड्रिंक्स और जंक फूड शामिल हैं, तो नुकसान ज्यादा हो सकता है। वहीं प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर संतुलित भोजन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और बार-बार भूख लगने की समस्या कम करता है।
यानी फिट रहने का असली फॉर्मूला सिर्फ हर दो घंटे में खाना नहीं, बल्कि अपने शरीर की जरूरत को समझना, सही चीजें खाना और ओवरईटिंग से बचना है।











