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Jammu-Kashmir Earthquake : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फिर हिली धरती, रिक्‍टर स्‍केल पर 3.7 रही तीव्रता

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Jammu-Kashmir Earthquake : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फिर हिली धरती, रिक्‍टर स्‍केल पर 3.7 रही तीव्रता
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से भूकंप के झटके से धरती कांपी है। जम्‍मू-कश्‍मीर के किश्‍तवाड़ में मंगलवार को भूकंप के झटके से धरती हिली। रिक्‍टर स्‍केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 की मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप मंगलवार शाम 4 बजकर 44 मिनट पर आया। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग घर, ऑफिस और दुकानों से सड़कों पर निकल आए। फिलहाल, किसी तरह के हताहत की सूचना नहीं है। https://twitter.com/psamachar1/status/1777660686455148806

किश्तवाड़ में लगातार महसूस हो रहे भूकंप के झटके

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर भूकंप के झटके से धरती हिली। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी यानी की एनसीएस के अनुसार, रविवार सुबह जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुबह करीब 2 बजकर 47 मिनट पर 3.5 तीव्रता का भूकंप आया। इससे पहले 5 अप्रैल को किश्तवाड़ और डोडा में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस दौरान किश्तवाड़ में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.2 मापी गई थी। जिसके बाद कल यानी की 6 अप्रैल को एक बार किश्तवाड़ जिले में 3.8 तीव्रता का भूकंप आया। पिछले 48 घंटे में यह जम्मू-कश्मीर में चौथा भूकंप है। लगातार आए भूकंप के कारण किश्तवाड़ के लोगों के मन में डर बैठ गया है। फिलहाल चारों भूकंप से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?

भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।

किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है

  • 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है।
  • वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है।
  • 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो।
  • 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
  • 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है।
  • 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है।
  • 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है।
  • 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
  • 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।
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Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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