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भोपाल मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार:24 मीटर नीचे उतरी ‘दुर्गावती’, शुरू हुई अंडरग्राउंड टनल की खुदाई

भोपाल में मेट्रो परियोजना अब अहम चरण में पहुंच गई है। सोमवार को भोपाल रेलवे स्टेशन क्षेत्र में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘दुर्गावती’ को करीब 24 मीटर नीचे उतारकर अंडरग्राउंड टनल निर्माण का काम शुरू कर दिया गया।
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24 मीटर नीचे उतरी ‘दुर्गावती’, शुरू हुई अंडरग्राउंड टनल की खुदाई
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजधानी भोपाल में मेट्रो परियोजना अब अहम चरण में पहुंच गई है। सोमवार को भोपाल रेलवे स्टेशन क्षेत्र में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘दुर्गावती’ को करीब 24 मीटर नीचे उतारकर अंडरग्राउंड टनल निर्माण का काम शुरू कर दिया गया। यह प्रदेश में पहली बार है जब मेट्रो के लिए भूमिगत सुरंग बनाई जा रही है। लॉन्चिंग शाफ्ट के जरिए मशीन को जमीन के भीतर स्थापित कर औपचारिक रूप से खुदाई की शुरुआत की गई। इस दौरान मेट्रो कॉर्पोरेशन और निर्माण एजेंसी के अधिकारी मौजूद रहे।

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    शहर के व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी सुरंग

    करीब 3.39 किलोमीटर लंबी यह अंडरग्राउंड टनल पुल पातरा से सिंधी कॉलोनी तक बनाई जाएगी। खास बात यह है कि यह सुरंग भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे से गुजरेगी। इसके बावजूद सतह पर ट्रैफिक या आम जनजीवन प्रभावित न हो, इसके लिए पूरी योजना तैयार की गई है।

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    आधुनिक तकनीक से सुरक्षित निर्माण

    टीबीएम ‘दुर्गावती’ को खासतौर पर शहरी इलाकों के लिए डिजाइन किया गया है। यह मशीन खुदाई के साथ-साथ टनल की कंक्रीट लाइनिंग भी करती है, जिससे सुरंग मजबूत और सुरक्षित बनती जाती है। खुदाई के दौरान कंपन और शोर को न्यूनतम रखने के लिए पिक पार्टिकल वेलॉसिटी (PPV) की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि आसपास की इमारतों को कोई नुकसान न पहुंचे।

    रोजाना 15 मीटर तक होगी खुदाई

    अधिकारियों के मुताबिक यह मशीन प्रतिदिन औसतन 15 मीटर तक खुदाई कर सकती है। लगभग 5.8 मीटर व्यास वाली यह मशीन पर्याप्त चौड़ाई की सुरंग तैयार करेगी। प्रोजेक्ट के तहत दो समानांतर टनल बनाई जाएंगी, जिन पर एक साथ काम होगा। इस सेक्शन में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड पर अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं।

    100-100 करोड़ की हाईटेक मशीनें

    इस प्रोजेक्ट के लिए मेट्रो प्रबंधन ने करीब 100-100 करोड़ रुपए की लागत से दो अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनें खरीदी हैं।

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    इन्हें दिसंबर 2025 में बेंगलुरु से भोपाल लाया गया था। इन मशीनों के उपयोग से निर्माण कार्य तेज और सटीक होगा।

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    क्यों खास है यह प्रोजेक्ट

    भोपाल मेट्रो का यह अंडरग्राउंड सेक्शन कई मायनों में अहम है। पहली बार शहर के घनी आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों के नीचे से सुरंग बनाई जा रही है, जिससे ऊपर का यातायात प्रभावित नहीं होगा। यह परियोजना भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी उदाहरण बन सकती है।

    समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश

    मेट्रो परियोजना के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने इस उपलब्धि पर टीम को बधाई दी और कहा कि काम को तय समयसीमा में पूरा करना प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

    एक नजर में ‘दुर्गावती’ टीबीएम

    • लागत: करीब 100 करोड़ रुपए
    • क्षमता: रोजाना 15 मीटर खुदाई
    • व्यास: 5.8 मीटर
    • खासियत: खुदाई के साथ टनल को मजबूत करना
    • तकनीक: कम कंपन, कम शोर, सुरक्षित निर्माण

    भोपाल मेट्रो का यह कदम शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी।

    Sumit Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    मास कम्युनिकेशन में Ph.D और M.Phil पूर्ण की है तथा टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते ...Read More

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