Naresh Bhagoria
30 Nov 2025
पल्लवी वाघेला
भोपाल। बदले परिवेश में लोगों का धैर्य घटता जा रहा है। नतीजा रिश्ते दरक रहे हैं। सोशल मीडिया के दौर में रिश्ते मोबाइल चैट तक सिमटते जा रहे हैं, इन रिश्तों को संभालने, संजोने की कोशिश में लगी हैं भोपाल की अधिकारी डॉ. प्रतिभा राजगोपाल। डॉ. प्रतिभा ने पेंशन लोन लेकर भोपाल में मध्यस्थता केंद्र की स्थापना की। इस केंद्र से सवा साल में तीन दर्जन के करीब मामलों का निराकरण किया गया है। मध्य प्रदेश महिला संसाधन केंद्र, सेटकाम प्रशासन अकादमी की पूर्व निदेशक और वर्तमान में प्राध्यापक लोक प्रशासन डॉ. प्रतिभा राजगोपाल बताती हैं कि उन्होंने पेंशन लोन लेकर, पारिवारिक मामलों का निराकरण आपसी सहमति से कम समय में कराया। उनके इस योगदान के लिए सुप्रीम कोर्ट उन्हें पुरस्कृत किया है।
ये भी पढ़ें: बेमिसाल होती है मां...परिवार को संभालना हो या जीवन की सुरक्षा, पिता से हमेशा आगे रहती है मां
डॉ. प्रतिभा बताती हैं - कई लोगों को कोर्ट के चक्कर लगाते देखा। इनके लिए कुछ करने का जज्बा काफी समय से था, फिर हाई कोर्ट जज से इस विषय पर चर्चा हुई तो उन्होंने मध्यस्थता केंद्र से विवादों के हल करने सुझाव दिया।
ये भी पढ़ें: कोयले पर आज से हट जाएगा सेस, पर सस्ती बिजली दो माह बाद मिलेगी
यह मध्यस्थता केंद्र भोपाल और आसपास के क्षेत्र के ऐसे लोगों के लिए किसी वरदान की तरह है जो सुलह समझौता चाहते हैं, लेकिन दूसरे पक्ष को समझाना मुश्किल है। डॉ. प्रतिभा द्वारा शाहपुरा थाने के सामने स्थापित केंद्र में विवाह संबंधी, व्यक्तिगत, उत्तराधिकार, दो संस्थाओं के मध्य में वाणिज्यक, लेन-देन से संबधित विवादों का समाधान किया जाता है। यहां नेगोसियेशन स्किल, मनोवैज्ञानिक दृष्टि और कानूनी आधार पर मामलों का निराकरण किया जाता है।