राजीव सोनी, भोपाल। पश्चिम बंगाल और असम में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में भगवा परचम फहराने के लिए भाजपा हाईकमान ने मध्यप्रदेश के नेताओं को इस बार भी महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपी है। पार्टी ने असम के अलग-अलग क्षेत्रों में इलेक्शन मैनेजमेंट के लिए मप्र के 30-35 वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी लगाई है। बंगाल के लिए नेताओं का चयन किया जा रहा है। संभावना है कि प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बंगाल चुनाव में फिर महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है।
असम और बंगाल चुनाव में इस बार भाजपा बदली हुई रणनीति के साथ मैदान में है। चुनावी मैदान में माइक्रो मैनेजमेंट के साथ बूथ पर फोकस किया गया है। मप्र, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा को इस इलेक्शन मैनेजमेंट के इस मॉडल से सफलता मिल चुकी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बंगाल में इस बार चुनावी बाजी पलटने की पूरी तैयारी के साथ भाजपा मैदान में है। चुनावी हिंसा और फर्जी वोटिंग रोकने के लिए इस बार विशेष रणनीति और कड़े सुरक्षा इंतजामों पर जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का कहना है कि केंद्रीय योजना के तहत मप्र के 30-35 सीनियर नेताओं को असम चुनाव के लिए भेजा गया है। इनमें कई नेता ऐसे भी हैं जो पिछले चुनाव के दौरान इलेक्शन प्रबंधन में प्रमुख भूमिका निभा चुके हैं।
ममता के दुर्ग में सेंध लगाने भाजपा ने बंगाल में इस बार अपने वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव चुनाव प्रभारी और बिप्लब देब को सह प्रभारी बनाया है। 2021 में बंगाल की चुनावी कमान संभाल चुके मप्र के वरिष्ठ नेता एवं नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को इस बार भी इलेक्शन मैनेजमेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपने की संभावना जताई जा रही है। केंद्रीय नेतृत्व से इस बारे में उनकी मुलाकातें भी हो चुकी हैं।
सांसद : आलोक शर्मा भोपाल, दर्शन सिंह नर्मदापुरम, बंटी विवेक साहू छिंदवाड़ा एवं कविता पाटीदार (सदस्य, राज्यसभा)। अशोक अर्गल और केपी यादव (पूर्व सांसद)।
पूर्व विधायक : गिरिराज दंडोतिया, कमलेश जाटव, भूपेंद्र आर्य, संजय शाह एवं रघुराज कंषाना। विनोद गोटिया (पूर्व अध्यक्ष पर्यटन विकास निगम)। भाजपा संगठन ने इनके अलावा चुनावी प्रबंधन और समन्वय के लिए संदीप सरकार, नाथू सिंह गुर्जर, श्याम सुंदर शर्मा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हमीर सिंह सहित अन्य कई नेताओं की ड्यूटी भी लगाई है।
केंद्रीय नेतृत्व की योजना से मप्र के कई नेता असम भेजे गए हैं। बंगाल चुनावी ड्यूटी के लिए भी वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी लगाई जा रही है। हर चुनाव में असम से लेकर केरल तक मप्र के नेता-कार्यकर्ता चुनावी समन्वय का पराक्रम दिखाते रहे हैं।
आशीष उषा अग्रवाल, मीडिया प्रभारी मप्र भाजपा