छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 की शुरुआत की है। इस योजना के जरिए लंबे समय से बकाया बिजली बिल से परेशान उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। राज्य के करीब 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत देने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिजली हमारी बुनियादी जरूरत बन चुकी है और इसके बिना सामान्य जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज लगने के कारण बकाया राशि लगातार बढ़ती जाती है। उन्होंने कहा कि इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
सरकार के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है जो लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए हैं। योजना के तहत निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग और कृषि उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी जाएगी। राज्य में कुल 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को इस योजना के जरिए लगभग 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को लगातार और बेहतर बिजली आपूर्ति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अपने संसाधनों के जरिए करीब 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, ताकि बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक संकट के कारण कई उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे उनकी बकाया राशि काफी बढ़ गई थी। सरकार ने इसी समस्या को देखते हुए समाधान योजना लागू की है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। अब तक करीब 36 हजार लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं। इसके साथ ही बताया कि महिला स्व सहायता समूहों द्वारा सोलर पैनल वेंडर के रूप में काम करना एक सकारात्मक पहल है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं।