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होर्मुज पर घमासान!ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी- तेल की सप्लाई रुकी तो तबाही तय, 20 गुना बड़ा अटैक करेंगे

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि, अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई रोकी तो अमेरिका 20 गुना ताकत से जवाब देगा। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है।
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ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी- तेल की सप्लाई रुकी तो तबाही तय, 20 गुना बड़ा अटैक करेंगे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वॉशिंगटन डीसी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि, अगर उसने दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका अब तक हुए हमलों से 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा।

    ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और कई देशों में ईंधन महंगा हो गया है।

    मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर, तेल सप्लाई पर संकट

    मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का असर अब सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद शुरू हुआ यह सैन्य टकराव अब दूसरे हफ्ते में पहुंच चुका है।

    इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से कई बड़े सैन्य हमले किए गए हैं। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, वहीं ईरान ने जवाब में खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया। इस टकराव का सबसे बड़ा असर तेल उत्पादन और सप्लाई पर पड़ा है, क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आने वाले तेल पर निर्भर है।

    ट्रंप की चेतावनी- तेल का रास्ता रोका तो 20 गुना हमला

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि, अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आवाजाही रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।

    ट्रंप ने कहा कि, अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल का फ्लो रोकने की कोशिश की, तो उसे अब तक की तुलना में 20 गुना ज्यादा कठोर जवाब मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि, अमेरिका के पास ऐसे कई सैन्य लक्ष्य हैं जिन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उन पर हमला किया जाएगा।

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    ईरान को दोबारा खड़ा होना मुश्किल होगा

    ट्रंप ने अपने बयान में ईरान को बेहद कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर उसने तेल सप्लाई रोकने का प्रयास किया, तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा कि ईरान के लिए फिर से एक देश के रूप में खड़ा होना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, अमेरिका ईरान के ऐसे ठिकानों को निशाना बनाएगा जिन्हें नष्ट करना आसान है।

    ट्रंप के मुताबिक, उन पर मौत, आग और क्रोध बरसेगा… लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसी स्थिति पैदा न हो। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका युद्ध को लंबा खींचना नहीं चाहता और उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे।

    क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य

    होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया तक पहुंचता है। नीचे टेबल में इसकी अहमियत को समझा जा सकता है-

    पहलू

    जानकारी

    स्थान

    फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच

    वैश्विक तेल सप्लाई

    दुनिया के करीब 20% तेल का परिवहन

    प्रमुख देश

    सऊदी अरब, UAE, कुवैत, कतर, इराक

    मुख्य उपयोग

    कच्चा तेल और गैस का निर्यात

    अगर यह रास्ता बंद होता है तो वैश्विक बाजार में तेल की भारी कमी हो सकती है और कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

    ईरान ने जहाजों को रोकना शुरू किया

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई जहाजों को रोकना शुरू कर दिया है। इसके कारण खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। इस कदम ने दुनिया भर के देशों में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि एशिया और यूरोप के कई देश ऊर्जा के लिए इसी क्षेत्र पर निर्भर हैं।

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    ट्रंप का दावा- ईरान की सैन्य ताकत कमजोर

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि, अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है।

    ट्रंप के मुताबिक, ईरान के करीब 80% मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए गए हैं। कई ड्रोन निर्माण केंद्र तबाह हो चुके हैं। नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है। लगभग 46 जहाज डुबो दिए गए। ट्रंप ने यह भी कहा कि, अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के 5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है।

    बिजली ठिकानों पर हमले की धमकी

    ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि, अगर ईरान ने वैश्विक तेल सप्लाई को रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका ईरान के बिजली उत्पादन केंद्रों को निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा कि अगर इन ठिकानों पर हमला किया गया, तो ईरान को उन्हें फिर से बनाने में कई साल लग सकते हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ऐसा कदम केवल तभी उठाएगा जब मजबूरी होगी।

    तेल बाजार पर जंग का असर

    ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, ट्रंप के इस बयान के बाद कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, बाजार में कुछ राहत देखने को मिली।

    तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई-

    बाजार

    कीमत

    अंतरराष्ट्रीय बाजार

    $92.50 प्रति बैरल

    अमेरिकी बाजार

    $88.60 प्रति बैरल

    फिर भी कीमतें युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले लगभग 30% ज्यादा बनी हुई हैं।

    एशियाई बाजारों को मिली राहत

    तेल की कीमतों में गिरावट का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी दिखाई दिया।

    • जापान का Nikkei 225 लगभग 2.8% बढ़ गया।
    • दक्षिण कोरिया का Kospi 5% से ज्यादा चढ़ गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि, एशिया के कई देश खाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल खरीदते हैं, इसलिए कीमतों में गिरावट से इन देशों को राहत मिली है।

    यह भी पढ़ें: Iran-Israel Conflict : ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच तुर्की की एंट्री, बैलिस्टिक मिसाइल मार गिराने के बाद दी चेतावनी

    ट्रंप का दावा- जंग लगभग खत्म

    डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि, अमेरिका-ईरान युद्ध अब लगभग खत्म होने की स्थिति में है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि, ईरान के पास सैन्य दृष्टि से बहुत कम क्षमता बची है।

    ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना कमजोर हो चुकी है। मिसाइलें सीमित रह गई हैं। ड्रोन क्षमता को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस युद्ध में काफी बढ़त हासिल कर ली है।

    ईरान का पलटवार- जंग का फैसला हम करेंगे

    ट्रंप के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि युद्ध का अंत अमेरिका तय नहीं करेगा। IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने कहा कि, ट्रंप झूठे दावे कर रहे हैं और अपनी हार छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि, अमेरिका का गोला-बारूद कम हो रहा है। ईरान की मिसाइल क्षमता अभी भी मजबूत है। फारस की खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों को नुकसान हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि, ईरान इस क्षेत्र से हमलावर देशों को एक बूंद तेल भी बाहर नहीं जाने देगा।

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    सुप्रीम लीडर को लेकर ट्रंप का बयान

    ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर के रूप में मुजतबा खामेनेई के चयन को भी बड़ी गलती बताया। उन्होंने कहा कि, अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे को सर्वोच्च नेता बनाना ईरान का गलत फैसला है। ट्रंप के मुताबिक, यह कदम ईरान की राजनीतिक स्थिति को और अस्थिर कर सकता है।

    वैश्विक व्यापार पर असर

    ट्रंप ने अपनी चेतावनी को वैश्विक व्यापार के लिए भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि, होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना चीन और अन्य देशों के लिए भी जरूरी है क्योंकि उनका तेल आयात इसी मार्ग से होता है। उन्होंने इसे दुनिया के लिए अमेरिका का एक उपहार बताया।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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