ट्रंप के भरोसेमंद साथी का निधन!71 साल की उम्र में लिंडसे ग्राहम ने दुनिया को कहा अलविदा

अमेरिका की राजनीति के एक बड़े चेहरे और लंबे समय तक रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर रहे लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। साउथ कैरोलिना से आने वाले ग्राहम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी नेताओं में शामिल थे। सीनेटर ग्राहम के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, शनिवार 11 जुलाई की शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। हालांकि, उनकी बीमारी या निधन के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अमेरिकी राजनीति में था बड़ा नाम
लिंडसे ग्राहम अमेरिकी राजनीति में एक प्रभावशाली और अनुभवी नेता के रूप में जाने जाते थे। वह साल 2003 से अमेरिकी सीनेट में साउथ कैरोलिना का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। लगभग दो दशक से ज्यादा समय तक सीनेट में रहने के दौरान उन्होंने विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और न्यायिक मामलों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
यह भी पढ़ें: सत्ता के शिखर से इतिहास तक… कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन, 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
कांग्रेस से सीनेट तक का लंबा राजनीतिक सफर
लिंडसे ग्राहम का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा। सीनेट में आने से पहले वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्य रह चुके थे। साल 1995 में उन्होंने पहली बार अमेरिकी कांग्रेस में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने चार कार्यकाल तक प्रतिनिधि सभा में अपनी सेवाएं दीं। साल 2003 में वह अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए और लगातार साउथ कैरोलिना का प्रतिनिधित्व करते रहे।
ट्रंप के करीबी नेताओं में शामिल थे ग्राहम
लिंडसे ग्राहम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी नेताओं में गिना जाता था। हालांकि कई मुद्दों पर अमेरिकी राजनीति में मतभेद देखने को मिलते रहे, लेकिन ग्राहम और ट्रंप के बीच राजनीतिक संबंध मजबूत रहे। ग्राहम ने ट्रंप प्रशासन की कई नीतियों का समर्थन किया और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनके साथ काम किया।
निधन से एक दिन पहले यूक्रेन में थे सक्रिय
लिंडसे ग्राहम का निधन ऐसे समय में हुआ जब वह अंतरराष्ट्रीय मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। निधन से ठीक एक दिन पहले वह यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। इस बैठक में यूक्रेन की सुरक्षा जरूरतों, एयर डिफेंस सिस्टम और रूस के खिलाफ प्रस्तावित प्रतिबंधों को लेकर चर्चा हुई थी।
बैठक के बाद ग्राहम ने कहा था कि रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा था कि चीन रूस को शांति वार्ता के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रूस पर प्रतिबंधों को लेकर कर रहे थे काम
लिंडसे ग्राहम हाल के दिनों में रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों को लेकर भी सक्रिय थे। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम रूस पर नए प्रतिबंध लगाने वाले एक द्विदलीय विधेयक को आगे बढ़ाने पर सहमत हुई है।
सैन्य सेवा से राजनीति तक का सफर
लिंडसे ग्राहम का जन्म 9 जुलाई 1955 को अमेरिका के साउथ कैरोलिना के सेंट्रल शहर में हुआ था। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी वायुसेना में सेवा दी और बाद में एयर फोर्स रिजर्व से भी जुड़े रहे।
अमेरिकी राजनीति में छोड़ी बड़ी छाप
लिंडसे ग्राहम ने अपने लगभग तीन दशक लंबे राजनीतिक जीवन में अमेरिकी राजनीति पर गहरी छाप छोड़ी। विदेश नीति, सुरक्षा मामलों और न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उनकी भूमिका हमेशा चर्चा में रही। उनके निधन से रिपब्लिकन पार्टी और अमेरिकी राजनीति में एक अनुभवी नेता की कमी महसूस होगी।
71 साल की उम्र में उनके निधन के साथ अमेरिका ने एक ऐसे राजनेता को खो दिया, जिसने लंबे समय तक देश की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।











