S. Janaki Amma :मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, बोले- संगीत जगत की अपूरणीय क्षति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मशहूर प्लेबैक सिंगर एस. जानकी अम्मा के निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि उनके जाने से संगीत और संस्कृति की दुनिया को ऐसी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई करना संभव नहीं है।
पीएम मोदी ने एक्स पर जताया दुख
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि एस. जानकी अम्मा का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं में गाए उनके गीत कई पीढ़ियों के लोगों के दिलों में बसते हैं।
पीएम ने कहा कि जानकी अम्मा ने अपनी मधुर आवाज से हर भावना को खूबसूरती से व्यक्त किया। उनकी आवाज और गीत आने वाली पीढ़ियों को भी हमेशा प्रेरित और मंत्रमुग्ध करते रहेंगे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार, प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए 'ओम शांति' लिखा।
20 भाषाओं में गाए हजारों गीत
एस. जानकी को 'दक्षिण भारत की नाइटिंगेल' कहा जाता था। उन्होंने अपने लंबे संगीत करियर में लगभग 48 हजार से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। वह तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, हिंदी समेत करीब 20 भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेर चुकी थीं।
60 साल का शानदार संगीत सफर
एस. जानकी ने साल 1957 में तमिल फिल्म 'विधिइन विलायाट्टु' से प्लेबैक सिंगर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनका संगीत सफर करीब 60 वर्षों तक चला और उन्होंने भारतीय संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।
पद्म भूषण लेने से किया था इनकार
साल 2013 में एस. जानकी ने पद्म भूषण सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए चुना जाना चाहिए।
कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से हुईं सम्मानित
एस. जानकी को अपने शानदार गायन के लिए चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पुरस्कार भी मिले। भारतीय संगीत में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।











