मानसून सत्र से पहले 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक :सरकार ने सभी दलों को बुलाया, कई अहम विधेयकों पर होगी चर्चा

संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने 19 जुलाई सुबह 11 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक का उद्देश्य संसद के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करना और सभी राजनीतिक दलों के साथ सत्र के एजेंडे पर चर्चा करना है।
सभी प्रमुख दलों को भेजा गया निमंत्रण
संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से बुलाई गई इस बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं और संसद में उनके प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में सरकार मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की जानकारी देगी। वहीं विपक्ष भी अपने मुद्दे सरकार के सामने रखेगा।
20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कुल 20 बैठकें प्रस्तावित हैं। हालांकि, पहले की तुलना में इस बार का सत्र अपेक्षाकृत छोटा माना जा रहा है।
इन मुद्दों पर रह सकती है चर्चा
मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें प्रमुख रूप से-
- महंगाई
- कानून-व्यवस्था
- सीमा सुरक्षा
- जनहित से जुड़े विधेयक
- अन्य समसामयिक मुद्दे
- सरकार का प्रयास रहेगा कि सभी विधायी कार्य समय पर पूरे हों और सदन बिना किसी व्यवधान के चले।
विपक्ष की रणनीति पर भी रहेगी नजर
इस बार का मानसून सत्र पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद हो रहा है। ऐसे में चुनावी नतीजों की राजनीतिक गूंज संसद में भी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा कुछ विपक्षी दलों में हुए राजनीतिक घटनाक्रम और लोकसभा में अलग गुट की मान्यता से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रह सकते हैं।
इन विधेयकों पर रह सकती है नजर
सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस सत्र में कुछ अहम विधेयकों को पेश या आगे बढ़ा सकती है। इनमें महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक, वन नेशन, वन इलेक्शन से संबंधित प्रस्ताव और अन्य महत्वपूर्ण विधायी मसौदे शामिल हो सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अंतिम विधायी सूची अभी जारी नहीं की गई है।











