सत्ता के शिखर से इतिहास तक…कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन, 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार सुबह 74 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी कतर के शाही कार्यालय अमीरी दीवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए दी। हालांकि, अभी तक उनकी मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है।
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी साल 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे। उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, राजनीतिक और कूटनीतिक क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने देश को एक छोटे खाड़ी राष्ट्र से बदलकर दुनिया के सबसे प्रभावशाली और समृद्ध देशों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाई।
कौन थे शेख हमद बिन खलीफा अल थानी?
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का जन्म 1 जनवरी 1952 को कतर में हुआ था। उन्होंने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित रॉयल मिलिट्री अकादमी सैंडहर्स्ट से सैन्य प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद उन्होंने कतर की सेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
साल 1977 में उन्हें कतर का आधिकारिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। उस समय उन्हें देश के भविष्य के शासक के रूप में देखा जाने लगा था। लेकिन साल 1995 में उन्होंने ऐसा कदम उठाया जिसने कतर की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया।
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पिता से सत्ता लेकर बने कतर के अमीर
जून 1995 में शेख हमद ने अपने पिता शेख खलीफा बिन हमद अल थानी को सत्ता से हटाकर खुद कतर की कमान संभाल ली। यह सत्ता परिवर्तन बिना किसी बड़े संघर्ष या खून-खराबे के हुआ था। उस समय उनके पिता विदेश यात्रा पर थे। शेख हमद के इस फैसले के बाद उनके पिता को कुछ समय के लिए देश से बाहर रहना पड़ा। कई साल बाद वह वापस कतर लौटे।
शेख हमद के शासन में बदली कतर की पहचान
शेख हमद के 18 साल के शासनकाल में कतर ने विकास की नई ऊंचाइयां हासिल कीं। उनके नेतृत्व में देश के प्राकृतिक गैस भंडार का तेजी से विकास किया गया। कतर के पास दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडारों में से एक है। शेख हमद की नीतियों के कारण गैस उद्योग तेजी से बढ़ा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। उनके कार्यकाल में कतर दुनिया के सबसे अमीर देशों की सूची में शामिल हो गया। देश की प्रति व्यक्ति आय में भी काफी वृद्धि हुई।
2013 में बेटे को सौंप दी सत्ता
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का सबसे बड़ा राजनीतिक फैसला साल 2013 में सामने आया, जब उन्होंने खुद अपनी इच्छा से सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी। शेख तमीम वर्तमान में कतर के अमीर हैं। मध्य पूर्व के कई देशों में सत्ता परिवर्तन अक्सर शासक की मृत्यु या राजनीतिक संघर्ष के बाद होता रहा है। ऐसे समय में शेख हमद का स्वेच्छा से सत्ता छोड़ना एक अलग उदाहरण माना गया।
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निधन के बाद कतर में शोक का माहौल
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन के बाद कतर में शोक की लहर है। देश के लोग उन्हें ऐसे नेता के रूप में याद कर रहे हैं जिन्होंने कतर के विकास की नींव मजबूत की। उनके शासनकाल में हुए आर्थिक सुधार, गैस उद्योग का विस्तार और अंतरराष्ट्रीय पहचान को उनकी बड़ी उपलब्धियों के रूप में देखा जाता है। 74 साल की उम्र में उनके निधन के साथ कतर ने अपने एक प्रभावशाली और दूरदर्शी नेता को खो दिया है। उनके योगदान को कतर के इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा।











