सऊदी एयरपोर्ट पर हमला, फिर ड्रोन का खतरा! 1 की मौत और 8 घायल, एयरपोर्ट पर हमले के बाद अमेरिकी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश

रियाद। सऊदी अरब में हवाई यात्रा और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। देश के पूर्वी हिस्से में स्थित दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार शाम हुए हमले में एक स्थानीय निवासी की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल हो गए। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, इस घटना में एयरपोर्ट की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। हमले के बाद कुछ विमानों का रास्ता बदलना पड़ा। इसी बीच अमेरिका ने सऊदी अरब में गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
हमले के पीछे किसका हाथ? अभी जांच जारी
दम्माम एयरपोर्ट पर हमला किसने किया और इसे किस तरह अंजाम दिया गया, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सऊदी अधिकारियों ने हमलावर की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, हाल के दिनों में यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के ठिकानों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं। हूतियों ने दम्माम एयरपोर्ट पर हुए इस ताजा हमले को लेकर कोई सार्वजनिक जिम्मेदारी नहीं ली है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी संगठन को इस घटना का जिम्मेदार मानना सही नहीं होगा।
उड़ानों पर पड़ा असर, सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी
हमले के बाद एयरपोर्ट को हुए नुकसान का आकलन शुरू किया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और उनकी चोटें मामूली से लेकर गंभीर तक थीं। फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटराडार24 ने भी बताया कि एयरपोर्ट की ओर आ रही कुछ उड़ानों को दूसरे रास्तों पर भेजा गया। इससे यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई। सऊदी गठबंधन ने पूर्वी क्षेत्र में चार ड्रोन हमलों को नाकाम करने की जानकारी भी दी। लगातार हो रही घटनाओं के कारण नागरिक हवाई अड्डों और दूसरे जरूरी ठिकानों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को क्यों बुलाया वापस?
सऊदी अरब में बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। यह फैसला अमेरिकी अधिकारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश सऊदी अरब में तैनात गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों पर लागू है। अमेरिकी अधिकारियों ने देश में संभावित नए हमलों और यात्रा में रुकावटों को लेकर भी चिंता जताई है।
तेल ठिकानों पर हमलों से भी बढ़ी चिंत
सऊदी अरब में खतरा केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं है। इससे पहले देश के शैबा तेल क्षेत्र में ड्रोन को रोकने के दौरान उसके मलबे की चपेट में आने से दो विदेशी कर्मचारियों की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हुए थे। मृतकों में नेपाल और फिलीपींस के नागरिक शामिल थे, जबकि घायलों में पाकिस्तान और भारत के नागरिक बताए गए। इन घटनाओं ने तेल उत्पादन से जुड़े अहम ठिकानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। सऊदी अरब के लिए एयरपोर्ट और तेल क्षेत्र दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन पर होने वाले हमलों का असर आम लोगों की सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।




















