दिवाली पर लक्ष्मी पूजन करते समय इन गलतियों से बचें, जानें मूर्ति, कपड़े, फूल और भोग के नियम

दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन लोग घरों को सजाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना के साथ विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में इस्तेमाल होने वाली हर चीज का अपना महत्व होता है। ऐसे में मूर्ति स्थापित करने से लेकर फूल, कपड़े और भोग चढ़ाने तक कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए।
खंडित मूर्तियों की पूजा करने से बचें
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए सबसे पहले उनकी मूर्तियों का ध्यान रखें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दोनों की प्रतिमाएं साफ-सुथरी और बिना किसी टूट-फूट के होनी चाहिए। पूजा के लिए आसन बिछाते समय काले कपड़े का इस्तेमाल करने से बचें। इसकी जगह लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछा सकते हैं। आसन पर स्वस्तिक बनाकर अक्षत और चंदन से पूजा की तैयारी करें। पूजा करते समय खुद भी काले कपड़े पहनने से बचें। इस दिन लाल या पीले रंग के साफ वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
लक्ष्मी-गणेश को न चढ़ाएं तुलसी और दुर्वा
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में फूलों का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी पूजा में लाल और पीले रंग के फूलों का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। वहीं, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को तुलसी का पत्ता या तुलसी का जल अर्पित नहीं करना चाहिए। इसी तरह मां लक्ष्मी को दुर्वा चढ़ाने से भी बचना चाहिए।
मां लक्ष्मी को भोग में चढ़ाएं खील-बताशे और खीर
दिवाली पर मां लक्ष्मी को खील-बताशे, खीर और मौसमी फल यानी ऋतुफल अर्पित करने की परंपरा है। खीर बनाने के लिए दूध, चावल और चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा पूजा की थाली में पान, सुपारी और इलायची भी रख सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इन चीजों का भोग लगाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों को सही दिशा में रखें
लक्ष्मी पूजन के दौरान मूर्तियों को सही क्रम में स्थापित करना भी जरूरी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी की प्रतिमा भगवान गणेश के दाईं ओर रखनी चाहिए। यानी सामने से देखने पर भगवान गणेश बाईं ओर और मां लक्ष्मी दाईं ओर विराजमान हों। हालांकि, पूजा की शुरुआत सबसे पहले भगवान गणेश के पूजन से की जाती है। इसके साथ ही कुबेर जी और श्री यंत्र की पूजा भी कर सकते हैं।
चांदी के सिक्के, कौड़ी और गोमती चक्र का करें पूजन
दिवाली की पूजा में चांदी के सिक्के को भी शामिल किया जाता है। यदि सिक्के पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर बनी हो, तो उसका भी पूजन कर सकते हैं। इसके अलावा गोमती चक्र, कौड़ी और साबुत धनिया पूजा में रखना शुभ माना जाता है। मां लक्ष्मी की पूजा में हल्दी का भी विशेष महत्व बताया गया है। हल्दी से स्वस्तिक बनाकर पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि इन चीजों को पूजा में शामिल करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
दिवाली पर खानपान की शुद्धता का रखें ध्यान
दिवाली के दिन पूजा से पहले स्नान करके साफ और स्वच्छ कपड़े पहनें। माथे पर चंदन या रोली का तिलक लगाकर पूजा करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घर में मांस और मदिरा रखने या उनका सेवन करने से बचना चाहिए। पूजा के लिए सात्विक भोजन और खीर तैयार करें। इसके बाद श्रद्धा के साथ मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को भोग लगाएं। मान्यता है कि साफ-सफाई और सात्विकता के साथ की गई पूजा से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।




















