प्रभा उपाध्याय, इंदौर
डिजिटल दौर में यह पहल किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बन रही है। सैटेलाइट डेटा और भारतीय मौसम विभाग की एडवाइजरी के साथ-साथ ऐप्स का उपयोग कर दी जा रही जानकारी खेती को सुरक्षित और ज्यादा फायदे का सौदा बना रही है। आने वाले समय में ऐसे डिजिटल प्रयास खेती की दिशा बदल सकते हैं
मध्य प्रदेश से लेकर राजस्थान तक किसान अब फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब,जैसे प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए उन्हें रोजाना मौसम की अपडेट मिल रही है, जो उनके लिए काफी मददगार साबित हो रही है। किसान अब इन्हीं जानकारियों के आधार पर बुवाई, सिंचाई और कटाई जैसे फैसले ले रहे हैं, जिससे जोखिम कम हो रहा है।
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इंदौर के हातौद के किसान सुमेर सिंह सिसौदिया पिछले चार सालों से मौसम की जानकारी जुटाकर लोगों तक पहुंचा रहे हैं। पिछले 9 महीनों से उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इसे और आसान बना दिया है, जिससे हजारों किसानों को फायदा मिल रहा है। वे रोजाना संभावित बारिश, ओलावृष्टि और तापमान में बदलाव की जानकारी सरल भाषा में शेयर करते हैं, जिससे किसान समय रहते सतर्क हो जाते हैं।
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सिसौदिया के प्लेटफॉर्म्स पर तीन लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि यहां मिलने वाली जानकारी स्थानीय स्तर पर ज्यादा सटीक होती है, जिससे फसल नुकसान से बचती है। देपालपुर के किसान महेश पटेल ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर फॉलो करने के बाद दो बार अपनी फसल खराब होने से बचाई है।