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Peoples Update Special :बुधनी, छतरपुर, दमोह सहित 6 मेडिकल कॉलेज इस वर्ष बनकर हो जाएंगे तैयार

मप्र में वर्ष 2026 में 6 मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएंगे। सरकार की कोशिश है कि इसी वर्ष से इन कॉलेजों में पढ़ाई भी शुरू हो जाए। मेडिकल कॉलेजों के निर्माण में 31,00 करोड़ से अधिक राशि खर्च होगी।
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बुधनी, छतरपुर, दमोह सहित 6 मेडिकल कॉलेज इस वर्ष बनकर हो जाएंगे तैयार
नीमच और मंदसौर में बनकर तैयार हुए मेडिकल कॉलेज भवन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम, भोपाल। बुधनी, छतरपुर, दमोह सहित 6 मेडिकल कॉलेज और इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस इस वर्ष बनकर तैयार हो जाएंगे। सरकार इस बात पर जोर दे रही कि इन कॉलेजों में मेडिकल में प्रवेश और पढ़ाई इसी शिक्षा सत्र से प्रारंभ हो जाए। इसके लिए कॉलेजों के भवन के अलावा प्राध्यापक सहित अन्य टीचिंग स्टाफ के कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया भी पूर्व हो सके। नेशनल मेडिकल काउंसिल से इनमें प्रवेश के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के जरिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

    सिवनी, नीमच और मंदसौर के मेडिकल कॉलेज तैयार

    मप्र में सिवनी, नीमच और मंदसौर के मेडिकल कॉलेज के भवन बनकर तैयार हो गए है। इनमें प्रवेश प्रारंभ होने से प्रदेश में 6 सौ से अधिक सीटें मेडिकल की बढ़ जाएंगी। मध्यप्रदेश सीमावर्ती राज्यों में छत्तीसगढ़ को छोड़कर सभी राज्यों से अभी भी पीछे हैं।

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                 फैक्ट फाइल     

    •     छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में 150 सीट हैं।
    •     वर्तमान में प्रदेश में एमबीबीएस की 4575 सीट हैं।
    •     17 सरकारी मेडिकल कॉलेज
    •     कुल सीटें 2,575
    •     12 निजी मेडिकल कॉलेज
    •     कुल सीटें 2,200
    •     मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेज 29
    •      कुल सीटें 4,775

    राज्यों में संचालित मेडिकल कालेजों की संख्या 

    राज्य      मेडिकल कॉलेज

    छत्तीसगढ़     16

    मध्यप्रदेश      29

    गुजरात         43

    राजस्थान      49

    महाराष्ट्र        85

    उत्तर प्रदेश    88

    संबंधित ठेकदारों को काम के लिए कैलेंडर दिए गए हैं

    सभी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का काम इस वर्ष पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी आधार पर संबंधित ठेकदारों को काम के लिए कैलेंडर दिए गए हैं। हर महीने काम की समीक्षा की जा रही है। समय सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।

    शालिगराम बघेल, ईएनसी, पीआईयू

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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