अशोक गौतम, भोपाल। बुधनी, छतरपुर, दमोह सहित 6 मेडिकल कॉलेज और इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस इस वर्ष बनकर तैयार हो जाएंगे। सरकार इस बात पर जोर दे रही कि इन कॉलेजों में मेडिकल में प्रवेश और पढ़ाई इसी शिक्षा सत्र से प्रारंभ हो जाए। इसके लिए कॉलेजों के भवन के अलावा प्राध्यापक सहित अन्य टीचिंग स्टाफ के कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया भी पूर्व हो सके। नेशनल मेडिकल काउंसिल से इनमें प्रवेश के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के जरिए प्रयास किए जा रहे हैं।
मप्र में सिवनी, नीमच और मंदसौर के मेडिकल कॉलेज के भवन बनकर तैयार हो गए है। इनमें प्रवेश प्रारंभ होने से प्रदेश में 6 सौ से अधिक सीटें मेडिकल की बढ़ जाएंगी। मध्यप्रदेश सीमावर्ती राज्यों में छत्तीसगढ़ को छोड़कर सभी राज्यों से अभी भी पीछे हैं।

छत्तीसगढ़ 16
मध्यप्रदेश 29
गुजरात 43
राजस्थान 49
महाराष्ट्र 85
उत्तर प्रदेश 88
सभी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का काम इस वर्ष पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी आधार पर संबंधित ठेकदारों को काम के लिए कैलेंडर दिए गए हैं। हर महीने काम की समीक्षा की जा रही है। समय सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।
शालिगराम बघेल, ईएनसी, पीआईयू