इंदौर। युद्ध के चलते घरेलू गैस टंकियों के सप्लाय की सीमा में बदलाव किया है। इसका फायदा गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी करने वाले उठाने लगे हैं। लोग जरूरत पूरी करने 3 हजार में भी टंकी लेने पर मजबूर हैं। इसी का फायदा एजेंसी के कर्मचारी ने उठाया। मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र में सामने आया। एजेंसी कर्मचारी ने उपभोक्ताओं का भरी टंकी लाकर देने का झांसा दिया और 30 सिलेंडर लेकर फरार हो गया।
पुलिस को एजेंसी मालिक संतोष पिता स्व. शंकरराव मिश्रा निवासी वल्लभ नगर ने बताया कि उसकी ग्राम कुमेड़ी स्थित तुलसियाना अपार्टमेंट में गैस एजेंसी और गोदाम है। गैस टंकियों की डिलीवरी का काम मुकेश पिता बामनराव सोनोने निवासी नेहरू नगर करता है। वह कनेक्शनधारियों के सिलेंडर लेकर चला गया।
एक अप्रैल को मुकेश गैस कनेक्शनधारियों के यहां पहुंचा। उन्हें कहा कि तुम्हारी बुकिंग का नंबर आ गया है, टंकी डिलीवरी करना है। खाली टंकी देने पर मैं भरा हुआ सिलेंडर लेकर आ जाऊंगा। मुकेश पर भरोसा कर 30 उपभोक्ताओं ने टंकी दे दी। जब मुकेश 2 अप्रैल की शाम तक भरा हुआ सिलेंडर लेकर नहीं पहुंचा तो उपभोक्ताओं ने एजेंसी ऑफिस पर शिकायत की। तब जाकर सिलेंडर ले जाने का पता चला। मामले में पुलिस ने मुकेश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
एजेंसी मालिक ने कर्मचारी द्वारा लोगों की टंकी ले जाने की शिकायत की है। आरोपी की तलाश में टीम रवाना की गई है।
सियाराम गुर्जर, थाना प्रभारी बाणगंगा।
एजेंसी मालिक की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे युवकों को नौकरी पर नहीं रखे। ब्लैक में सिलेंडर बेचने वालों पर बिना दबाव प्रभाव कार्रवाई कर रहे हैं।
मोहनलाल मारू, खाद्य नियंत्रक।