बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका एक दावा है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी ‘इंट्यूशन’ से पुलिस ने एक गुमशुदा बच्चे का केस सुलझाया। उन्होंने पुरानी घटना बताते हुए कहा कि उनके संकेत से पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। इसके बाद इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से पूछा गया कि उनका सामना कभी पूलिस या किसी क्राइम केस से हुआ है, तो इस पर उन्होंने कहा कि सीधे तौर पर ऐसा कम हुआ है, लेकिन कई बार पुलिस उनके पास मदद के लिए आई है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा बहुत बार हुआ है, लेकिन हम हमेशा यही कहते हैं कि अगर हम ही सब करने लगेंगे तो लोग पुलिस पर भरोसा कम और बाबा पर ज्यादा करने लगेंगे। पुलिस का अपना कर्तव्य है, उसे निभाना चाहिए। जहां जरूरत होती है, वहां हम अपनी तरफ से मदद जरूर करते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने जिस घटना का जिक्र किया, वह उनके स्थानीय क्षेत्र की बताई गई। उनके अनुसार, एक छोटा बच्चा अचानक रात के समय गायब हो गया था, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। उन्होंने बताया कि उस समय एक पुलिस अधिकारी, जो उनके परिचित भी थे, उनके पास ही मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें फोन आया और वे तुरंत मौके पर चले गए। कुछ घंटों बाद उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से संपर्क कर मदद मांगी।
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धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार, पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक गरीब परिवार का बच्चा लापता है और उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने शास्त्री से कोई दिशा या संकेत देने की मदद मांगी। शास्त्री कहते हैं कि उन्होंने पहले उन्हें तसल्ली दी और थोड़ी देर बाद बात करने को कहा। फिर उन्होंने ध्यान किया और जो महसूस हुआ, वही पुलिस को बता दिया।
ध्यान के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने पुलिस अधिकारी को फोन कर एक खास व्यक्ति पर शक जताने को कहा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खोजबीन में शामिल है, उसी पर ध्यान दिया जाए, वही सच बता सकता है। उनके अनुसार, पुलिस ने उस व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की और कुछ ही घंटों में पूरा मामला सामने आ गया।
धीरेंद्र शास्त्री ने दावा किया कि उनके बताए संकेत के बाद करीब साढ़े तीन घंटे के भीतर पूरा मामला खुल गया। गुमशुदा बच्चे का शव एक कुएं में मिला और आरोपी को भी पकड़ लिया गया। उन्होंने इस घटना को याद करते हुए कहा कि ये किस्मत थी, शक्ति थी या कुछ और, हमें नहीं पता। लेकिन जो महसूस हुआ, वो हमने बता दिया और उससे केस सुलझ गया।
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हालांकि, इस पूरे मामले के बावजूद धीरेंद्र शास्त्री ने साफ किया कि वे पुलिस के काम में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिस को अपना काम खुद करना चाहिए और लोगों का भरोसा उसी पर बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा यही कहा है कि आपने जो वर्दी पहनी है, उसका सम्मान कीजिए और अपना कर्तव्य निभाइए। हम सिर्फ उतनी ही मदद करते हैं, जितनी जरूरी होती है।
धीरेंद्र शास्त्री के इस दावे के सामने आने के बाद एक बार फिर यह बहस छिड़ गई है कि क्या आध्यात्मिक ‘इंट्यूशन’ वास्तव में जांच में मदद कर सकता है या यह सिर्फ संयोग होता है। कुछ लोग उनके दावे को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे सवालों के घेरे में भी रख रहे हैं। हालांकि, शास्त्री का कहना है कि उन्होंने सिर्फ मदद की और बाकी काम पुलिस ने ही किया।