
देवास में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को सेक्स एक्सपर्ट डॉक्टर बताकर लोगों को ठगने का काम किया। वह केवल 10वीं पास था और तेलंगाना से आकर देवास में मेडिकल क्लीनिक चला रहा था। वह इलाज के नाम पर लोगों से 1500 से 2,000 रुपए तक लेता था।
स्वास्थ्य विभाग को जब इसकी शिकायत मिली, तो उन्होंने छापा मारा और उसकी पोल खुल गई। वह न तो पंजीयन दिखा पाया और न ही कोई डिग्री। इसके बाद क्लिनिक को सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. बेक के निर्देश पर जिला और ब्लॉक स्तरीय टीम ने की है।
निशि क्लीनिक को किया सील
जानकारी के मुताबिक, सीएमएचओ डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक के निर्देश पर जिला और ब्लॉक स्तरीय टीमों का गठन किया गया है, जो नियम विरुद्ध बिना रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण कराए संचालित पैथोलॉजी सेंटरों और अस्पतालों की जांच करती है और उनके संचालकों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करती है। स्टेशन रोड स्थित निशि क्लीनिक के बारे में जांच में पाया गया कि यह क्लीनिक पुरुषों से संबंधित गुप्त रोगों का इलाज करने का दावा करता था और इसके लिए 1500 से 2000 रुपए तक वसूले जाते थे। इसकी शिकायत पर सीएमएचओ कार्यालय से निरीक्षण के लिए टीम भेजी गई थी, लेकिन जब टीम ने क्लीनिक का निरीक्षण किया, तो वहां कोई योग्यता संबंधी दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद क्लीनिक को सील कर दिया गया है।
केवल 10वीं तक पढ़ा हुआ
इस मामले में डॉ. राजेन्द्र गुजराती जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सीएमएचओ के निर्देश पर टीम द्वारा निशि क्लीनिक का निरीक्षण किया गया, जो डॉ. बाला के नाम से संचालित हो रहा था। निरीक्षण में पाया गया कि क्लीनिक संचालक के पास कोई डिग्री नहीं थी और वह केवल 10वीं तक पढ़ा हुआ था और तेलंगाना का रहने वाला है।
गारंटी के साथ इलाज का करता था दावा
डॉ. बाला नामक व्यक्ति द्वारा संचालित इस क्लीनिक पर सेक्स विशेषज्ञ का बोर्ड लगा हुआ था। क्लीनिक के प्रतिदिन खुलने का समय सुबह 10 से 1 बजे और दोपहर 4 से 7 बजे रहता है। वह प्रतिदिन मरीजों को पुरुषों से सम्बंधित गुप्त रोग का इलाज 100 प्रतिशत गारंटी के साथ करने का परामर्श देता है। टीम द्वारा योग्यता संबंधी दस्तावेज एवं क्लीनिक संचालन संबंधित दस्तावेज, रिकॉर्ड मांगे गए।
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