चुनाव में बढ़ गई चार्टर्ड विमान और हेलीकॉप्टर की डिमांड, 40 प्रतिशत का आया उछाल, विमानन कंपनियों ने बढ़ा दिए दाम

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए राजनेता और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि देशभर का सफर कर रहे हैं। कभी आमसभा, तो कभी रैली, कभी रोड शो, तो कभी पार्टी की बैठक, इनके लिए हवाई सफर ही बड़े नेताओं को भाता है। चुनावी दौर में नेताओं के भ्रमण के कारण चार्टर्ड विमान और हेलीकॉप्टर की मांग 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
विमानन कंपनियों ने बढ़ाए दाम
एक्सपर्ट्स के अनुसार, इससे निजी विमान और हेलीकॉप्टर सेवाएं देने वाली कंपनियों की कमाई 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक चार्टर्ड विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर देने वाली कंपनियों ने इस सीजन को देखते हुए अपने रेट भी बढ़ा दिए हैं। जानकारी के मूताबिक एक चार्टर्ड विमान का किराया इस समय 4 लाख 50 हजार रुपए से लेकर 5 लाख 25 हजार रुपए प्रति घंटा वसूला जा रहा है। जो सामान्य तौर पर 4 लाख रुपए प्रति घंटे होता है।
पिछले चुनाव की तुलना में बढ़ गई डिमांड
सामान्य समय और पिछले चुनावी सालों की तुलना में एविएशन सुविधाओं की डिमांड बढ़ गई है। फिक्स्ड विंग विमान और हेलीकॉप्टर की उपलब्धता कम होने के कारण कुछ ऑपरेटर अब दूसरी कंपनियों से विमान और हेलीकॉप्टर चालक दल के साथ लेने की डील कर रहे हैं। रोटरी विंग सोसायटी ऑफ इंडिया (आरडब्ल्यूएसआई) के अध्यक्ष (पश्चिमी क्षेत्र) कैप्टन उदय गेली ने बताया, हेलीकॉप्टर की मांग चुनावी दौर में सामान्य अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत तक अधिक हो गई है। उनका कहना है कि इस फील्ड में डिमांड की तुलना में सप्लाई कम है। गौरतलब है कि राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों और नेताओं को कम समय में विभिन्न स्थानों, खासकर दूरदराज के इलाकों में पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग ज्यादा करते हैं।












