दिल्ली: दुकानों-कंपनी में नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी महिलाएं, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन, लिखित रजामंदी अनिवार्य

दिल्ली: दुकानों-कंपनी में नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी महिलाएं, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन, लिखित रजामंदी अनिवार्य
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    दिल्ली। महिला कर्मचारियों के नाइट शिफ्ट में काम करने को लेकर दिल्ली सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है। जिससे महिला कर्मचारी अब दुकानों और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी। राज्य सरकार ने गुरुवार को नोटिफिकेशन जारी कर इसकी औपचारिक अनुमति दे दी है। हालांकि, काम करन से पहले महिला कर्मचारियों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी। गौरतलब है कि इस साल अक्टूबर में, महिलाओं के रात में काम करने को लेकर राज्यपाल वीके सक्सेना ने परमिशन दी थी।

    हफ्ते में कार्य की अधिकतम सीमा 48 घंटे निर्धारित

    जारी नोटिफिकेशन में कई जानकारी दी गई है कि जिनमें हर कर्मचारी को ओवरटाइम पर सामान्य वेतन का दोगुना भुगतान मिलेगा। महिलाओं के साप्ताहिक कार्य की अधिकतम सीमा 48 घंटे तय की गई है। इसके साथ ही सभी प्रतिष्ठानों में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) बनाना भी अनिवार्य किया गया है। जो समय-समय पर कार्य स्थलों की रिपोर्ट देखेंगी साथ ही महिलाओं द्वारा शिकायतें मिलने पर समाधान भी करना होगा।

    जिम्मेदारों के लिए जरुरी दिशा-निर्देश

    • किसी भी महिला कर्मचारियों को नाइट शिफ्ट में तभी लगाया जा सकेगा जब वे इसके लिए लिखित रूप से सहमत हों।
    • कोई भी कर्मचारी किसी भी दिन 9 घंटे से अधिक (भोजन-विश्राम सहित) और सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कर सकेगी।
    • लगातार 5 घंटे से ज्यादा काम करवाने की अनुमति नहीं होगी।
    • नाइट शिफ्ट या ओवरटाइम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षा, परिवहन और उपयुक्त सुविधाओं की व्यवस्था नियोक्ता को करनी होगी।
    • ओवरटाइम का भुगतान दोगुना वेतन के हिसाब से किया जाएगा।
    • शिफ्ट प्रणाली इस तरह बनाई जाएगी कि किसी भी कर्मचारी को सिर्फ नाइट शिफ्ट में ही काम करने के लिए मजबूर न किया जाए।

    सुरक्षा निगरानी के लिए विशेष ध्यान

    महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए हर संस्थान को आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee, ICC) बनानी होगी, ताकि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों का निपटारा किया जा सके। दूसरी ओर सुरक्षा बढ़ाने के लिए दुकानों और ऑफिसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और उनकी फुटेज कंपनी मालिक को कम से कम एक महीने तक सुरक्षित रखनी होगी। जरूरत के समय यह रिकॉर्डिंग मुख्य निरीक्षक (शॉप्स विभाग) को प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही, कर्मचारियों को राष्ट्रीय छुट्टियों पर काम करने पर कंपंसेटरी लीव (compensatory leave), न्यूनतम वेतन, भविष्य निधि, बीमा और बोनस जैसी कानूनी सुविधाएं भी मिलेंगी।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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