लाल किले से सबसे छोटा भाषण किस PM ने दिया? 14 मिनट में खत्म हुई थी स्पीच, PM मोदी के नाम रहा ये रिकॉर्ड

नई दिल्ली। हर साल 15 अगस्त को देश की नजरें दिल्ली के लाल किले पर टिकी रहती हैं। प्रधानमंत्री यहां तिरंगा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। आजादी के बाद से यह परंपरा लगातार चली आ रही है। प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस भाषण देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं का संदेश देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाल किले से सबसे लंबा भाषण किस प्रधानमंत्री ने दिया और सबसे छोटा भाषण किसने दिया? क्या आपको पता है कि सिर्फ 14 मिनट में भी किसी प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस भाषण खत्म हो चुका है?
15 अगस्त को लाल किले से भाषण देने की परंपरा
भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली। आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले की प्राचीर से पहली बार तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। इसके बाद हर साल स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं। समय के साथ यह भाषण स्वतंत्रता दिवस समारोह का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। प्रधानमंत्री अपने भाषण में देश की उपलब्धियों, सरकार के काम, चुनौतियों और आने वाले समय की योजनाओं का जिक्र करते हैं। हर प्रधानमंत्री की भाषण देने की अपनी शैली रही है। किसी ने लंबे भाषण दिए तो किसी ने बेहद कम समय में अपनी बात पूरी कर दी।
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सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड PM मोदी के नाम
लाल किले की प्राचीर से सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण देने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से करीब 98 मिनट तक देश को संबोधित किया। यह उनका अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में करीब 96 मिनट तक भाषण दिया था। इस तरह उन्होंने अपने ही पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों की एक खास बात यह भी रही है कि वह कई बार बिना लिखित भाषण के सीधे जनता को संबोधित करते हैं और अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखते हैं।
नेहरू का भाषण भी रहा था काफी लंबा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले लाल किले से सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम था। 1947 में आजादी के बाद लाल किले से अपने पहले संबोधन में नेहरू ने करीब 72 मिनट तक भाषण दिया था। आजादी के शुरुआती दौर में देश के सामने कई बड़ी चुनौतियां थीं। विभाजन, विस्थापन, आर्थिक समस्याएं और नए भारत के निर्माण जैसे मुद्दे उस समय बेहद महत्वपूर्ण थे। इसलिए लाल किले से नेहरू का पहला भाषण ऐतिहासिक महत्व रखता है।
इंद्र कुमार गुजराल भी लंबे भाषण के लिए जाने गए
लाल किले से लंबे भाषण देने वाले प्रधानमंत्रियों में इंद्र कुमार गुजराल का नाम भी शामिल है। 1997 में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर करीब 71 मिनट तक देश को संबोधित किया था। यह भाषण उस समय काफी लंबा माना गया था और लंबे भाषणों की सूची में उनका नाम आज भी दर्ज है।
अब बात सबसे छोटे भाषण की
लाल किले से सबसे छोटे स्वतंत्रता दिवस भाषण का रिकॉर्ड भी काफी दिलचस्प है। इस रिकॉर्ड में दो प्रधानमंत्रियों का नाम आता है जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी। दोनों ने लाल किले की प्राचीर से सिर्फ 14 मिनट तक भाषण दिया था। यानी जिस प्रधानमंत्री ने लाल किले से सबसे लंबे भाषणों में से एक दिया, उसी प्रधानमंत्री ने एक बार सबसे छोटा भाषण देने का रिकॉर्ड भी बनाया।
1954 में नेहरू का सिर्फ 14 मिनट का भाषण
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1954 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से करीब 14 मिनट तक भाषण दिया था। यह उनके लंबे भाषणों की तुलना में काफी छोटा था। दिलचस्प बात यह है कि नेहरू के नाम एक तरफ 1947 में करीब 72 मिनट के लंबे भाषण का रिकॉर्ड है, वहीं दूसरी तरफ 1954 में 14 मिनट के छोटे भाषण का रिकॉर्ड भी जुड़ा हुआ है। यानी लाल किले के भाषणों के इतिहास में नेहरू का नाम दोनों तरह के रिकॉर्ड से जुड़ा है।
इंदिरा गांधी ने भी सिर्फ 14 मिनट बोला
इसके बाद इंदिरा गांधी का नाम आता है। 1966 में इंदिरा गांधी ने लाल किले की प्राचीर से सिर्फ 14 मिनट तक देश को संबोधित किया था। इस तरह नेहरू और इंदिरा गांधी दोनों के नाम लाल किले से सबसे छोटे भाषण का रिकॉर्ड दर्ज है। दोनों के भाषण की अवधि समान यानी 14 मिनट रही।
अटल बिहारी वाजपेयी के छोटे भाषण भी चर्चा में रहे
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अपने शानदार वक्तृत्व के लिए जाने जाते थे। हालांकि लाल किले से उनके कुछ भाषण अपेक्षाकृत छोटे रहे। 2002 में उन्होंने करीब 25 मिनट तक देश को संबोधित किया।इसके अगले साल यानी 2003 में उनका भाषण करीब 30 मिनट का रहा। अटल बिहारी वाजपेयी की भाषण शैली बेहद प्रभावशाली मानी जाती थी। कम समय में भी वह अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने के लिए जाने जाते थे।
मनमोहन सिंह के भाषण कितने लंबे रहे?
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के स्वतंत्रता दिवस भाषण भी कई बार अपेक्षाकृत कम अवधि के रहे। 2012 में उन्होंने करीब 32 मिनट तक लाल किले से भाषण दिया। इसके अगले साल 2013 में उनका भाषण करीब 35 मिनट का रहा। उनके भाषणों में अर्थव्यवस्था, विकास, सामाजिक योजनाओं और देश के सामने मौजूद चुनौतियों जैसे मुद्दों पर खास जोर रहता था।
PM मोदी कितनी देर तक भाषण देते हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषणों की अवधि दूसरे प्रधानमंत्रियों की तुलना में काफी लंबी रही है। अब तक उनके भाषणों की औसत अवधि करीब 82 मिनट बताई जाती है। उनका सबसे छोटा लाल किला भाषण करीब 56 मिनट का रहा है। वहीं सबसे लंबा भाषण 98 मिनट का रहा। यानी प्रधानमंत्री मोदी के सबसे छोटे भाषण की अवधि भी कई पूर्व प्रधानमंत्रियों के छोटे भाषणों से काफी ज्यादा है।
लाल किले से सबसे ज्यादा बार भाषण देने वालों में मोदी
लाल किले की प्राचीर से सबसे ज्यादा बार स्वतंत्रता दिवस भाषण देने वाले प्रधानमंत्रियों की सूची में जवाहरलाल नेहरू सबसे ऊपर हैं। इसके बाद इंदिरा गांधी का नाम आता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस सूची में शीर्ष प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं।











