दिल्ली-NCR में बढ़ता प्रदूषण : दिवाली से पहले लागू हुआ GRAP-1, कई पाबंदियां शुरू

दिल्ली-एनसीआर में दिवाली से पहले ही प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। इसी वजह से सरकार ने GRAP (ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान) का स्टेज-1 लागू करने का फैसला लिया है। 14 अक्टूबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 211 दर्ज किया गया, जो ‘खराब श्रेणी’ में आता है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी प्रदूषण का स्तर इसी श्रेणी में रहने की संभावना है।
स्टेज-1 में लागू होंगी ये पाबंदियां
GRAP के पहले चरण में कई तरह की रोक और एहतियाती कदम लागू किए गए हैं-
- लकड़ी, कोयला और कूड़ा जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध।
- निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय अनिवार्य रहेंगे।
- एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा।
- 500 वर्गमीटर से बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स को मंजूरशुदा डस्ट मैनेजमेंट प्लान का पालन करना होगा।
- कचरा, पत्ते और अपशिष्ट सामग्री जलाना सख्त मना है।
- फूड स्टॉल और रेस्टोरेंट्स में केवल बिजली, गैस या स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल होगा।
- डीजल जेनरेटर का उपयोग सिर्फ जरूरी या आपात स्थिति में ही किया जा सकेगा।
ट्रैफिक और वाहन नियम भी सख्त
प्रदूषण नियंत्रण के लिए यातायात पर भी निगरानी बढ़ाई गई है- 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन दिल्ली-एनसीआर में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। लाल बत्ती पर इंजन बंद करने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त टीमें प्रमुख चौराहों पर तैनात की गई हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर जुर्माना या कार्रवाई की जा सकती है।
क्यों जरूरी हुआ GRAP का लागू होना
दिल्ली-एनसीआर में अक्टूबर से ही हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। मौसम बदलने और खेतों में पराली जलाने के कारण धूल और धुआं वातावरण में बढ़ गया है। इसी के चलते कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP-1 लागू करने का निर्णय लिया है ताकि प्रदूषण पर शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रण किया जा सके।











