भोपाल में जमीन और प्लॉट खरीदना आने वाले वित्तीय वर्ष में महंगा हो सकता है। जिला पंजीयक कार्यालय भोपाल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई कलेक्टर गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गाइडलाइन के ड्राफ्ट पर दावे और आपत्तियां मंगाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब उन पर विचार किया जा रहा है। इसके बाद अंतिम गाइडलाइन जारी की जाएगी, जो 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी।
जिला पंजीयक कार्यालय ने 8 मार्च को नई कलेक्टर गाइडलाइन का ड्राफ्ट प्रकाशित किया था। इसके बाद शहर के नागरिकों, बिल्डरों और संपत्ति मालिकों से दावे-आपत्तियां मांगी गई थीं। शुक्रवार तक प्राप्त सभी आपत्तियों को कार्यालय में सुरक्षित रख लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार अब इन आपत्तियों पर विचार कर अंतिम गाइडलाइन जारी की जाएगी।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार गाइडलाइन में शामिल लोकेशनों की संख्या कम कर दी गई है।
इन 2,175 लोकेशन में नगर निगम और नगर परिषद क्षेत्रों की 580 लोकेशन पर नए प्रॉपर्टी रेट तय किए गए हैं, जिनमें से 48 लोकेशन ग्रामीण क्षेत्र की हैं। इन स्थानों पर प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने की संभावना बताई जा रही है।
ड्राफ्ट गाइडलाइन के अनुसार शहर के कुछ प्रमुख और व्यावसायिक क्षेत्रों में फिलहाल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है। इनमें खास तौर पर एमपी नगर जोन-1 और जोन-2, न्यू मार्केट मुख्य मार्ग तथा लालघाटी से बैरागढ़ तक का मुख्य मार्ग शामिल है। हालांकि इन मुख्य मार्गों से अंदर की ओर स्थित कॉलोनियों और प्लॉटों के दाम में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा राजा भोज एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे आवासीय प्रोजेक्ट और क्षेत्रों में भी रेट बढ़ सकते हैं।
शहर के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी में जमीन के दामों में भारी वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया है। ई-1 से ई-5 सेक्टर तक मुख्य मार्ग और अंदर की सड़कों पर जमीन के दाम में 8 हजार से 20 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर तक बढ़ोतरी की बात सामने आई है। हालांकि स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि इस क्षेत्र में फिलहाल कोई बड़ी सड़क, आरओबी या अन्य प्रमुख विकास कार्य प्रस्तावित नहीं है, इसके बावजूद दामों में इतनी अधिक वृद्धि का प्रस्ताव सवाल खड़े कर रहा है।
ड्राफ्ट गाइडलाइन के अनुसार करोंद और बैरागढ़ के कई आवासीय क्षेत्रों में भी जमीन के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव है। कुछ स्थानों पर 108 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।