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MP Tourism Wellness Project:खजुराहो-उज्जैन समेत 6 पर्यटन शहरों में बनेंगे वेलनेस सेंटर, योग-मेडिटेशन से टूरिस्ट को मिलेगी फिटनेस सुविधा

मध्यप्रदेश सरकार पर्यटन को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अब देशी-विदेशी पर्यटकों को घूमने के साथ-साथ योग, मेडिटेशन और प्राकृतिक चिकित्सा के जरिए तन-मन को स्वस्थ रखने की सुविधा भी मिलेगी।
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खजुराहो-उज्जैन समेत 6 पर्यटन शहरों में बनेंगे वेलनेस सेंटर, योग-मेडिटेशन से टूरिस्ट को मिलेगी फिटनेस सुविधा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजीव सोनी, भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार पर्यटन को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अब देशी-विदेशी पर्यटकों को घूमने के साथ-साथ योग, मेडिटेशन और प्राकृतिक चिकित्सा के जरिए तन-मन को स्वस्थ रखने की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए प्रदेश के छह प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर वेलनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। सरकार ने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासकीय मंजूरी दे दी है और इन केंद्रों के लिए जमीन भी अधिग्रहित कर ली गई है। इस परियोजना को पर्यटन और आयुष विभाग मिलकर अगले दो वर्षों में जमीन पर उतारेंगे।

    खजुराहो और उज्जैन में बड़े वेलनेस रिसोर्ट

    योजना के तहत खजुराहो और उज्जैन में लगभग 2-2 एकड़ जमीन पर 50 बेड के वेलनेस रिसोर्ट बनाए जाएंगे। वहीं दतिया, ओरछा, चंदेरी और आगर मालवा में पर्यटकों के लिए 10-10 हट्स के साथ छोटे वेलनेस सेंटर विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से भी आर्थिक सहायता मिलेगी। उज्जैन और खजुराहो के वेलनेस सेंटर के लिए करीब 15-15 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है, जबकि बाकी चार शहरों के लिए लगभग 7.5-7.5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राज्य का आयुष और पर्यटन विभाग भी इस परियोजना पर अतिरिक्त खर्च करेगा।

    पर्यटन और स्वास्थ्य का नया कॉन्सेप्ट

    यह प्रोजेक्ट भारत सरकार की राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना के तहत शुरू किया जा रहा है। इस योजना में पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ जोड़ने का नया कॉन्सेप्ट अपनाया गया है। मध्यप्रदेश इस योजना में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। राज्य को राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 7 आयुष कॉलेज और 12 वेलनेस सेंटर की स्वीकृति मिली है। पहले चरण में छह वेलनेस सेंटर विकसित करने का फैसला लिया गया है।

    टूरिस्ट को मिलेंगी ये सुविधाएं

    इन वेलनेस सेंटरों में पर्यटकों को योगासन, मेडिटेशन और आयुर्वेद आधारित उपचार की सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही पंचकर्म, शिरोधारा, फिजियोथेरेपी, स्टीम बाथ और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इन केंद्रों का लाभ केवल देशी-विदेशी पर्यटकों को ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। यहां सामान्य ओपीडी के माध्यम से आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी सेवाएं भी दी जाएंगी।

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    पर्यटन उद्योग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

    पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के अनुसार यह परियोजना प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयां देगी। उन्होंने कहा कि वेलनेस सेंटर के साथ पर्यटन को जोड़ना एक बड़ा नवाचार है और इस प्रोजेक्ट को भारत सरकार का भी सहयोग मिल रहा है। पहले चरण में छह केंद्र विकसित किए जाएंगे।

    विदेशी पर्यटकों के लिए आयुष वीजा

    आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि इस परियोजना से मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। विदेशी पर्यटकों के लिए आयुष वीजा का पंजीयन भी कराया गया है ताकि वे यहां आकर योग और आयुर्वेद आधारित उपचार का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि इन वेलनेस सेंटरों के जरिए प्रदेश में वैकल्पिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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